कांग्रेस में जिला अध्यक्षों का विरोध, संगठन जुटा मनाने में
कहीं जले पुतले, किसी ने दिया इस्तीफा
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस ने लंबी मशक्कत के बाद प्रदेश के शहरी ग्रामीण सहित 71 जिलों के अध्यक्षों के नामों की घोशणा की, लेकिन अध्यक्षों के नामों की सूची जारी होने के साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री और राघौगढ़ से विधायक जयवर्धन सिंह के बाद इंदौर शहर और ग्रामीण अध्यक्ष सहित आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में विरोध शुरू हो गया है। जिला अध्यक्षों की सूची में दिग्गज अपने-अपने पसंद के नेताओं को अध्यक्ष बनाने में सफल रहे।
इंदौर में शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को बनाए जाने के विरोध में संभागीय प्रवक्ता सन्नी राजपाल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष साक्षी डागा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पटवारी को घेरा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा पटवारी को नहीं पता कि सक्रिय मैदानी कार्यकर्ता कौन हैं? हम बिना पद के भी कांग्रेस में काम करेंगे।
जयवर्धन को लेकर विरोध
पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक जयवर्धन सिंह को गुना जिले का अध्यक्ष बनाए जाने का भी विरोध हो रहा है। इसके विरोध में राघोगढ़ में कांग्रेस का पुतला जताया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि जीतू पटवारी एवं मंडली द्वारा युवा और प्रदेश के लोकप्रिय नेता जयवर्धन सिंह की लोकप्रियता से बौखला कर आलाकमान को गुमराह करके जिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर कांग्रेस में जान सिर्फ जयवर्द्धन सिंह ही फूंक रहे हैं।
मनपसंदों को मिली जिम्मेदारी
इंदौर जिले में अध्यक्ष बनाए गए नेता प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के पसंदीदा बताए जाते हैं। दोनों को रिपीट कराने में जीतू पटवारी की चली। वहीं पांढुर्णा, छिंदवाड़ा में कमलनाथ की पसंद को तवज्जो दी गई। सिंघार, अजय सिंह और अरुण यादव की पसंद को सिर्फ उनके क्षेत्र में ही प्राथमिकता मिली। गुना राजगढ़ दोनों दिग्विजय खेमे के है।
इन जिलों में भी विरोध
इंदौर, गुना के अलावा सतना शहर, डिंडौरी, देवास, सतना ग्रामीण, उज्जैन जिलों में भी विरोध सामने आ चुका है। सतना ग्रामीण में सिद्धार्थ कुशवाहा को अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। सिद्धार्थ दूसरी बार के विधायक हैं और ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे महापौर और लोकसभा के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। कार्यकर्ताओं का विरोध इसी को लेकर है कि एक ही नाम के लिए हर पद हैं।
बुरहानपुर में प्रवक्ता पद से इस्तीफा
बुरहानपुर में पूर्व विधायक रवींद्र महाजन को ग्रामीण अध्यक्ष बनाए जाने पर लोनी के सरपंच प्रतिनिधि हेमंत पाटिल ने कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन जिलाध्यक्ष और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया है। यहां शहर अध्यक्ष हर्ष रिंकू टॉक को लेकर भी अंदर ही अंदर विरोध किया जा रहा है। वहीं ईधर देवास जिले के गौतम बंटू गुर्जर ने भी इस्तीफा दिया। कुछ जिलों में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर लगाया बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।
जिन्हें अध्यक्ष नहीं बनाया, उन्हें भविश्य में मिलेगी जिम्मेदारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस परिवार के जांबाज साथियों, अब हमें मिलकर संगठन सृजन अभियान के अगले पड़ाव की ओर कदम बढ़ाना है। कांग्रेस के विचार और संस्कार को जन-जन तक, पंचायतों तक लेकर जाना है। सभी के सर्वश्रेष्ठ योगदान से ही सशक्त संगठन प्रदेश में कांग्रेस की पहचान है। संगठन निर्माण की इस प्रकिया में चयन से वंचित रहे साथियों को शीघ्र ही नई जिम्मेदारी दी जाएगी। अगले मोर्चे के लिए भी हमें जी-जान से जुटकर तैयारी करनी है। जन-मन,घर-घर तक कांग्रेस की रीति-नीति को पहुंचाना है! सिर्फ एक लक्ष्य कि 2028 में कांग्रेस सरकार बनाना है।
