आठ माह बाद भी नहीं शुरू हुई ड्रोन से दवा वितरण योजना
भोपाल। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक दवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली ड्रोन सेवा अब भी केवल कागजों तक सीमित है। अक्टूबर 2024 में दावा किया गया था कि जल्द ही ड्रोन के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों तक दवाएं भेजी जाएंगी, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी यह हाईटेक योजना शुरू नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि पिछले साल 12 अक्टूबर 2024 को को दोपहर 12ः30 बजे एम्स भोपाल से पहली बार एक ड्रोन ने उड़ान भरी थी। यह ड्रोन एक किलोग्राम वजनी दवा का पैकेट लेकर रायसेन जिले के गौहरगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा था। 45 किलोमीटर की यह दूरी ड्रोन ने केवल 20 मिनट में तय कर ली थी। इस सफल ट्रायल के बाद उम्मीद जगी थी कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी जल्द ही यह सेवा शुरू होगी। उस वक्त स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था कि 5 किलोग्राम तक की दवाएं ड्रोन के जरिए 100 किलोमीटर दूर तक महज 50 मिनट में पहुंचाई जा सकेंगी। लेकिन हकीकत यह है कि पहली ट्रायल उड़ान के बाद न तो नियमित रूट तय किया गया और न ही ड्रोन का नियमित उपयोग शुरू हो पाया है।
अधिकारी हैं मौन
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब भी समय पर दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों की ओर से अब तक इस देरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इस योजना पर विभाग क्या कर रहा है, इसे लेकर अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
