विभागों में सालों से लंबित हैं अनुकंपा नियुक्ति के मामले
भोपाल। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी कई विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण सालों से लंबित पड़े हैं। ऐसी स्थिति में कई आश्रित प्रतीक्षा करते-करते उम्रदराज हो चुके हैं। मगर उनके प्रकरणों पर विभाग ने अब तक सकियता नहीं दिखाई है।
प्रदेश सरकार द्वारा कई बार विभागों को निर्देशित किया गया कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों को शीघ्र निपटाया जाए, मगर विभाग के अधिकारी इस मामले में ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालात यह है कि कई विभाग ऐसे हैं, जहां पांच-पांच साल से अनुकंपा के प्ररकण फाइलों में दबे पड़े हैं। ऐसी स्थिति में कई आश्रित भी प्रतीक्षा करते-करते उम्रदराज हो चुके हैं। अकेले पंचायत विभाग में देखें तो पांच सौ प्रकरण अनुकंपा के लंबित पड़े हैं। साल 2011 से एक भी प्रकरण का विभाग में समाधान नहीं हो पाया है। पूर्व और मौजूदा विभागीय मंत्री को भी सचिव पीड़ा बता चुके हैं। आश्वासन मिले, लेकिन दिवंगतों के आश्रितों को न्याय नहीं मिल पाया है। स्कूल शिक्षा विभाग में सात सौ प्रकरण लंबित पड़े हैं। ज्यादातर उन दिवंगत अध्यापकों के यह प्रकरण हैं, जिनका शिक्षा विभाग में संविलियन हुआ था। इसमें विभाग द्वारा बनाया गया जटिल नियम अनुकंपा में भारी पड़ रहा है। इस नियम में डीएड-बीएड करना अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग में चार सौ प्रकरणों का चार साल बाद भी समाधान नहीं हो पाया है।
