स्मार्ट मीटर लगाने वालों में पाकिस्तानी कर्मचारी, मचा बवाल
भोपाल। मध्यप्रदेश के 16 जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम विवादों में घिर गया है। दिल्ली की सलाहकार संस्था इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि इस परियोजना में शामिल कुछ कर्मचारी और अधिकारी पाकिस्तानी नागरिक हैं। इसके बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
फोरम के अनुसार, भोपाल सहित प्रदेश के 16 जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका सऊदी अरब की एक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी में कार्यरत कुछ वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी पाकिस्तान से हैं, जिससे साइबर हमले की आशंका जताई जा रही है। फोरम ने आगाह किया है कि स्मार्ट मीटरों के माध्यम से पावर ग्रिड पर साइबर अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
तो प्रदेश में नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर
विवाद सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चिंता जताई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार इस विषय पर गंभीरता से जांच करेगी। यदि पाकिस्तान से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल पाया गया, तो मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं रह गया है, चाहे वह खेल हो या संस्कृति।
यह राष्ट्रवाद नहीं, राष्ट्र-विश्वासघात ?
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पी.सी. शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दुश्मन देश के लोग देश की बिजली व्यवस्था में शामिल हों, तो यह राष्ट्रवाद नहीं, राष्ट्र-विश्वासघात है।
