आपात स्थिति के लिए अलग-अलग नंबर नहीं रखने होंगे याद
प्रदेश में डायल 112 सेवा की शुरूआत होगी 15 से
भोपाल। प्रदेश के नागरिकों को अब आपात स्थिति में अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं है। पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए सिर्फ एक नंबर याद रखना होगा और गाड़ी मदद के लिए तुरंत आपके दरवाजे पर पहुंचेगी। प्रदेश में यह सेवा 15 अगस्त से शुरू हो जाएगी। इसका नंबर होगा डायल 112, इसके लिए एक कॉल सेंटर भी बनाया जा रहा है, जो सीधे सेंट्रल सर्वर से जुड़ा होगा।
सरकार ने डायल 100 की जगह अब डायल 112 सेवा शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। यह एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जो प्रदेशभर में लागू की जा रही है। डायल 112 अब एक इंटीग्रेटेड सर्विस है, जिसमें पुलिस, फायर और एम्बुलेंस तीनों सेवाएं एक ही नंबर पर मिल सकेंगी। आम नागरिक को सिर्फ 112 याद रखना है और सहायता तुरंत मिलेगी। राजधानी भोपाल के स्टेट कमांड सेंटर से प्रदेश भर में डायल 112 की मॉनिटरिंग होगी।
प्रदेश में उपलब्ध रहेंगे 12 सौ वाहन
पूरे प्रदेश में संचालन के लिए करीब 1200 गाड़ियां उपलब्ध रहेंगी, इनमें से कई गाड़ियां भोपाल पहुंच चुकी हैं। डायल 100 वाली सफारी गाड़ियां 14 अगस्त से सेवा में नहीं ली जाएंगी। हालांकि 108 पर एम्बुलेंस के लिए कॉल कर सकेंगे। डायल 112 में बोलेरो, नियो और स्कॉर्पियो गाड़ियां इस्तेमाल की जाएंगी। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि इमरजेंसी में रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर करने के लिए गाड़ियों में अत्याधुनिक तकनीक और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
