स्टाम्प शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब पर डाला डाका
पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, जताया विरोध
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने स्टाम्प शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्टाम्प शुल्क में 500 तक की बढ़ोतरी पर विरोध जताया है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पटवारी ने कहा कि विधानसभा में पारित किए गए भारतीय स्टाम्प (म.प्र. संशोधन) और अन्य विधेयकों के जरिए सरकार ने साफ कर दिया है कि अब वह अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार का बोझ सीधे जनता पर लादने जा रही है। जरूरी दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में 100 फीसदी से लेकर 500 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। शपथ पत्र, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी, लाइसेंस, रजिस्ट्रियों में सुधार जैसे तमाम बुनियादी कागजातों पर अब आम नागरिक को पहले से कई गुना ज्यादा कीमत चुकानी होगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब उसकी माली हालत सुधारने के लिए जनता को निचोड़ा जा रहा है।
पटवारी ने सरकार से की मांग
स्टाम्प शुल्क की यह अव्यवहारिक और जनविरोधी वृद्धि तुरंत वापस ली जाए, एक स्वतंत्र वित्तीय मूल्यांकन समिति का गठन हो, जो यह जांचे कि किन दस्तावेजों पर शुल्क वृद्धि आवश्यक है और किस स्तर तक, प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 3 वर्षों में लिए गए कुल कर्ज, उसकी शर्तें और उपयोगिता की सार्वजनिक समीक्षा की जाए, भ्रष्टाचार नियंत्रण हेतु सभी विभागों में थर्ड पार्टी ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, सरकारी विदेश यात्राओं, लग्जरी गाड़ियों, बंगलों और प्रचार पर खर्च की एक सीमा तय हो और उस पर नियंत्रण लगाया जाए, प्रदेश के सभी रजिस्ट्री ऑफिस और स्टाम्प बिक्री केंद्रों में डिजिटल पारदर्शिता की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि दलाली पर रोक लगे, गरीब, किसान, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजनों के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया में विशेष रियायत दी जाए।
