जनता की जमीन को भाजपा के दफ्तरों में बदल रही सरकार
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं को तोड़ते हुए जनता की जमीन को भाजपा के स्थायी दफ्तरों में बदलना शुरू कर दिया है।
पटवारी ने कहा कि मऊगंज और पांढुर्णा जैसे नवगठित जिलों में सरकारी जमीन को भाजपा कार्यालय बनाने के लिए कैबिनेट से मंजूरी दी गई है। उन्होंने पूछा कि क्या अब भाजपा सरकार ने जनता की संपत्ति को अपना निजी स्थायी पता मान लिया है? गुना में डेढ़ बीघा सरकारी जमीन पर भाजपा दफ्तर बनाने के लिए प्रशासन ने आदिवासी परिवारों के घर तोड़ दिए, जो वहां 50-60 सालों से रह रहे थे। उनकी पुश्तैनी रिहायश और यादों को कुछ ही घंटों में मिट्टी में मिला दिया गया। नीमच में 20 हजार वर्ग फीट जमीन भाजपा ने कब्जा में ले ली, जिसका बाजार मूल्य 20 करोड़ रुपए से अधिक है। इतना ही नहीं, जमीन से जुड़े एक भी पैसे का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
जमीन वापस लें, नहीं तो आंदोलन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि भाजपा को आवंटित की गई सारी सरकारी जमीनें वापस ली जाएं, इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने यह जमीनी लूट नहीं रोकी, तो कांग्रेस जन आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
