पुलिस और सिस्टम की पकड़ से दूर हुए साइबर ठग
पांच साल में 1054 करोड़ की ठगी, वसूले सिर्फ 1.94 करोड़
भोपाल। प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों ने खतरनाक रूप ले लिया है। बीते पांच वर्षों में प्रदेश के कई लोग 1054 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं, लेकिन इस भारी-भरकम रकम में से महज 1.94 करोड़ रुपये ही पीड़ितों को वापस मिल सके हैं। शेष राशि अभी भी साइबर ठगों के कब्जे में है।
प्रदेश में साइबर ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, पर कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी है। विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद माना कि प्रदेश में साइबर अपराध 2020 से 2024 के बीच कई गुना बढ़े हैं। मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, साल 2021 से जुलाई 2025 तक साइबर अपराधियों ने प्रदेश में 1054 करोड़ रुपये की ठगी की है। ये ठगी फर्जी बैंक कॉल्स, सोशल मीडिया स्कैम्स, नकली ई-कॉमर्स वेबसाइट्स, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लोन ऐप्स के जरिये की गई। 2020 से 2024 तक कुल 2.48 लाख साइबर शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 579 मामले साइबर ठगी से जुड़े थे।
3541 प्रकरण दर्ज, केवल 717 का हल
साल 2022 से जुलाई 2025 के बीच 3541 साइबर ठगी के केस दर्ज किए गए, लेकिन इनमें से सिर्फ 717 मामलों का ही समाधान हो पाया। ये आंकड़े बताते हैं कि ठगी के मामलों की जांच और कार्रवाई बेहद कमजोर रही है। इस दौरान पुलिस केवल 105.21 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कर सकी, यानी ठगों के खाते सीज कर दिए गए, लेकिन पीड़ितों को सिर्फ 1.94 करोड़ रुपये लौटाए जा सके, जो कुल ठगी का महज 2 प्रतिशत है।
1193 एफआईआर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2020 से लेकर 15 जुलाई 2025 तक कुल 1193 एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें से 585 मामलों में चालान पेश किए गए हैं, जबकि 608 अब भी लंबित हैं। 579 मामलों में जांच जारी है और 166 प्रकरणों को निरस्त कर दिया गया है।
पुलिस पर हमले, छिंदवाड़ा में सात, जबलपुर में 12 मामले
प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में पुलिसकर्मियों पर हमले के 461 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन हमलों में पांच पुलिस जवानों की मौत भी हुई है। अनूपपुर में दस, अलीराजपुर में दो, अशोकनगर में चार, आगर मालवा में एक, इंदौर देहात में एक, इंदौर शहर में 23, उज्जैन में 26, खरगौन में दस, गुना में 16, ग्वालियर में 19, छतरपुर में 6, छिंदवाड़ा में 7, जबलपुर में 12 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन हमलों में छिंदवाड़ा के थाना माहुल झिर में हमले से एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी।
