जिला अध्यक्षों पर सख्ती, कार्यकर्ता बने संगठन की प्राथमिकता
संगठन ने दी सख्त हिदायत, परिवारवाद पर भी लगाम कसने की तैयारी
भोपाल। भाजपा संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के बाद अब जिला इकाइयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए संगठनात्मक कसावट शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में जिलाध्यक्षों की बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब संगठन में कार्यशैली में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाजपा के शीर्ष संगठनात्मक नेतृत्व के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि अब पार्टी संगठनात्मक अनुशासन के एक नए दौर की ओर बढ़ रही है। जिलाध्यक्षों से उम्मीद की जा रही है कि वे सत्ता और संगठन के बीच सेतु की भूमिका निभाएं, न कि किसी खास वर्ग के प्रतिनिधि बनकर कार्य करें। इसके चलते बैठकों में उन्हें निर्देश भी दिए जा रहे हैं। हाल ही में जिला अध्यक्षों की बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्र शिव प्रकाश ने दो टूक कहा कि यदि कोई कार्यकर्ता यह महसूस करता है कि केवल सांसद, विधायक या जिलाध्यक्ष के करीबी लोगों के ही काम होते हैं, तो यह स्थिति संगठन के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर जिला अध्यक्ष की होगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना जिलाध्यक्षों की प्राथमिकता होनी चाहिए। भाजपा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब जिलाध्यक्षों की सरकारी बैठकों में अनावश्यक मौजूदगी नहीं चलेगी। साथ ही परिवारवाद को बढ़ावा दिया जाने पर रोक रहेगी।
संगठन विस्तार और कार्यकर्ता संवाद पर ज़ोर
शिव प्रकाश ने साफ किया कि जिलाध्यक्षों का असली काम संगठन विस्तार, कार्यकर्ता संवाद और समन्वय होना चाहिए। वर्चुअल बैठकों पर सख्ती करते हुए उन्होंने कहा कि कई जिलाध्यक्ष बैठक में कैमरा बंद कर अन्य कार्यों में व्यस्त हो जाते हैं, जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सभी संवाद प्रत्यक्ष होंगे, वर्चुअल माध्यमों पर पाबंदी लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
नियुक्तियों में रहेगी ‘ऑब्जर्वर’ की नजर
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी बैठक में जिला अध्यक्षों को चेताते हुए कहा कि आका बनने की मानसिकता से बाहर आएं और पूरी निष्ठा से पार्टी और विचारधारा के लिए काम करें। उन्होंने परिवारवाद पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अब पार्टी में होने वाली नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे, जो नियुक्तियों में समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगे।
