खसरे की नकल मिलेगा नकल व्हाट्सएप पर
जीआईएस 2.0 भूलेख पोर्टल किया लांच
भोपाल। प्रदेश में अब खसरे की प्रमाणित नकल व्हाट्सएप पर भी मिल सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा एमपी भूलेख पोर्टल विकसित किया गया है। 30 जुलाई से राज्य स्तर पर नया जीआईएस 2.0 भूलेख पोर्टल लागू किया गया है। नए पोर्टल 2.0 को पहले नरसिंहपुर और सिवनी जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया गया। यहां सफल संचालन के बाद इसे पूरे प्रदेश में लांच किया गया है।
राजस्व विभाग की आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि नागरिकों को उनकी भूमि से संबंधित दस्तावेज की जानकारी ऑनलाइन प्रदान करने के लिए नवीन पोर्टल 2.0 को विकसित किया गया है। राजस्व विभाग ने पहले नरसिंहपुर और सिवनी जिलों में इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया। अब इसे राज्य स्तर पर लागू कर दिया गया है। भूलेख के नए वर्जन से नागरिकों को कम समय में अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वेब जीआईएस 2.0 में वेब पोर्टल के साथ-साथ मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया गया है। इसकी मदद से नागरिक खसरे की प्रमाणित प्रतिलिपि व्हाट्सएप के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।
