प्रदेश में बने सभी ब्रिज और कॉरिडोर की मांगी रिपोर्ट
ऐशबाग ओव्हरब्रिज विवाद के बाद जागा पीडब्ल्यूडी महकमा
भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बने 90 डिग्री ओव्हर ब्रिज को लेकर उठे विवाद ने प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देशभर में इस ब्रिज की चर्चा होने के बाद अब विभाग हरकत में आया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेशभर के ब्रिज निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी तीन दिन के भीतर तलब की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मामले की जांच के आदेश देने और दोषियों पर कार्रवाई के बाद लोक निर्माण विभाग भी सक्रिय हो गया है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता केपीएस राणा ने सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन यंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में बने सभी ब्रिज, आरओबी (रेल ओव्हर ब्रिज), फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर आदि की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र भेजें। निर्देश में कहा गया है कि आरसी अपटूडेट अमेंडमेंट गाइडलाइन, ग्रामीण क्षेत्रों में बने हाईवे में ज्योमेट्रिक डिजाइन स्टेंडर्ड और ग्रेड सेपरेटर्स एवं एलीवेटेड स्ट्रक्चर में प्रावधानित हरिजेंटल कर्व की शर्तों की प्रतिपूर्ति न करते हुए अलग अलग तरह की कमियां सामने आ रही है।
प्रमुख अभियंता ने यह भी कहा है कि जहां-जहां इन मानकों का उल्लंघन हुआ है और तकनीकी कमियां सामने आई हैं, उन सभी मामलों की जानकारी तीन दिन के भीतर विभाग मुख्यालय को भेजी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस मामले ने न केवल राजधानी बल्कि पूरे प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
