नेतृत्व को लेकर इंतजार, ठप पड़ी संगठनात्मक गतिविधियां
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भोपाल। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जारी असमंजस ने पार्टी की गतिविधियों एक तरह से रोक दिया है। पार्टी के नेता पिछले तीन महीने से नए अध्यक्ष की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि जिलों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा की जगह कोई नया चेहरा सामने आएगा या नहीं।
इस स्थिति का असर संगठन और सरकार, दोनों की कार्यप्रणाली पर साफ नजर आ रहा है। प्रदेश भाजपा फिलहाल केवल केंद्र सरकार के निर्देशित कार्यक्रम चला रही है, जबकि प्रदेश स्तर की अधिकांश गतिविधियां स्थगित हैं। राजनीतिक नियुक्तियों की राह भी फिलहाल अटकी हुई है। भाजपा कार्यकर्ता पिछले 16 महीनों से निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों की बाट जोह रहे हैं। लेकिन पार्टी नेतृत्व फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को प्राथमिकता दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश से चर्चा की है, पर अंतिम निर्णय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही होगा।
वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल में बड़े आयोजनों की गति धीमी पड़ी है। संगठन केवल नियमित कार्यक्रमों तक सीमित है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होगी, संगठन की दिशा और गतिविधियां स्पष्ट हो जाएंगी। पार्टी कार्यालय में भी इसका असर देखा जा सकता है। कार्यकर्ताओं और नेताओं का आना-जाना कम हो गया है और सभी पार्टी नेतृत्व के संकेत का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि नेतृत्व स्पष्ट होते ही संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा।
इस स्थिति का असर संगठन और सरकार, दोनों की कार्यप्रणाली पर साफ नजर आ रहा है। प्रदेश भाजपा फिलहाल केवल केंद्र सरकार के निर्देशित कार्यक्रम चला रही है, जबकि प्रदेश स्तर की अधिकांश गतिविधियां स्थगित हैं। राजनीतिक नियुक्तियों की राह भी फिलहाल अटकी हुई है। भाजपा कार्यकर्ता पिछले 16 महीनों से निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों की बाट जोह रहे हैं। लेकिन पार्टी नेतृत्व फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को प्राथमिकता दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश से चर्चा की है, पर अंतिम निर्णय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही होगा।
वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल में बड़े आयोजनों की गति धीमी पड़ी है। संगठन केवल नियमित कार्यक्रमों तक सीमित है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होगी, संगठन की दिशा और गतिविधियां स्पष्ट हो जाएंगी। पार्टी कार्यालय में भी इसका असर देखा जा सकता है। कार्यकर्ताओं और नेताओं का आना-जाना कम हो गया है और सभी पार्टी नेतृत्व के संकेत का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि नेतृत्व स्पष्ट होते ही संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा।
