वक्फ के कब्जे वाली संपत्तियों को छुड़ाने जाएंगे अदालत
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जनजातीय कल्याण मंत्री का दावा, आठ लाख संपत्तियां है कब्जे में
भोपाल। मध्यप्रदेश के जनजातीय कल्याण विभाग के मंत्री विजय शाह ने वक्फ संपत्तियों को लेकर कहा है कि जनजाति वर्ग की संपात्तियों पर वक्फ का कब्जा है, जिन्हें छुड़ाने के लिए विभाग न्यायालय जाएगा।
शाह ने दावा किया है कि जनजातियों की 8 लाख संपत्तियों पर वक्फ ऽका ऽकब्जा है। शाह ने अपने बयान में दावा किया है कि प्रदेश में जनजातियों ऽकी संपात्तियां वक्फ का कब्जा है। करीब 8 लाख संपतियों में से मात्र 1 हजार ही वक्फ में पंजीकृत हैं। जनजाति वर्ग को उनका हक दिलाने के लिए विभाग न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। इधर, जनजाति कल्याण विभाग के सूत्रों ने बताया कि वक्फ बिल के अध्ययन के बाद और जनजाति वर्ग की आपत्तियोंऽके बाद विभाग आगे का निर्णय लेगा। दरअसल, वक्फ बिल पास होने से पहले अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर छासगढ़ ने जेपीसी के समक्ष यह मुद्दा रखा था कि देश भर में पांचवीं व छठी अनुसूची के जनजाति क्षेत्र के राज्यों में संविधान और कानून का उल्लंघन कर बड़ी मात्रा में वक्फ की संपत्तियां दर्ज हुई हैं। जेपीसी की सिफारिश पर वक्फ बिल में जनजाति वर्ग की जमीन की सुरक्षा के प्रावधान लिए हैं। यानी वक्फ संशोधित कानून 2025 के अनुसार जनजातियों की भूमि संविधान की पांचवी और छठी अनुसूची की जनजाति क्षेत्र के राज्यों में वक्फ के दायरे से बाहर रहेगी। यानी जनजाति क्षेत्र की जिन संपत्तियों पर वक्फ का कब्जा है, वे अब बाहर होंगी।
भोपाल। मध्यप्रदेश के जनजातीय कल्याण विभाग के मंत्री विजय शाह ने वक्फ संपत्तियों को लेकर कहा है कि जनजाति वर्ग की संपात्तियों पर वक्फ का कब्जा है, जिन्हें छुड़ाने के लिए विभाग न्यायालय जाएगा।
शाह ने दावा किया है कि जनजातियों की 8 लाख संपत्तियों पर वक्फ ऽका ऽकब्जा है। शाह ने अपने बयान में दावा किया है कि प्रदेश में जनजातियों ऽकी संपात्तियां वक्फ का कब्जा है। करीब 8 लाख संपतियों में से मात्र 1 हजार ही वक्फ में पंजीकृत हैं। जनजाति वर्ग को उनका हक दिलाने के लिए विभाग न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। इधर, जनजाति कल्याण विभाग के सूत्रों ने बताया कि वक्फ बिल के अध्ययन के बाद और जनजाति वर्ग की आपत्तियोंऽके बाद विभाग आगे का निर्णय लेगा। दरअसल, वक्फ बिल पास होने से पहले अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर छासगढ़ ने जेपीसी के समक्ष यह मुद्दा रखा था कि देश भर में पांचवीं व छठी अनुसूची के जनजाति क्षेत्र के राज्यों में संविधान और कानून का उल्लंघन कर बड़ी मात्रा में वक्फ की संपत्तियां दर्ज हुई हैं। जेपीसी की सिफारिश पर वक्फ बिल में जनजाति वर्ग की जमीन की सुरक्षा के प्रावधान लिए हैं। यानी वक्फ संशोधित कानून 2025 के अनुसार जनजातियों की भूमि संविधान की पांचवी और छठी अनुसूची की जनजाति क्षेत्र के राज्यों में वक्फ के दायरे से बाहर रहेगी। यानी जनजाति क्षेत्र की जिन संपत्तियों पर वक्फ का कब्जा है, वे अब बाहर होंगी।
