नहीं मिला नोटिस, मिलेगा तो दूंगा तथ्यों के साथ जवाब
नोटिस को लेकर विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा
भोपाल। भाजपा द्वारा विधानसभा में सिंहस्थ को लेकर मुद्दा उठाने के मामले में विधायक चिंतामणि को दिए नोटिस पर आज विधायक ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। मैं माफी नहीं मांगूंगा। नोटिस मिलेगा तो मैं तथ्यों के साथ पार्टी को जवाब भी दूंगा।
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर बवाल मचा हुआ है। भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में मुद्दा उठाया और कहा कि उज्जैन के किसान परेशान हैं और डरे हुए है। उनकी ज़मीन जबरदस्ती अधिग्रहण की जा रही है। विधायक के इस बयान के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि आज सार्वजनिक जगह पर बयानबाजी कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं। भाजपा की ओर से भेजे गए नोटिस में चिंतामणि को 7 दिनों जवाब देने के लिए कहा गया है। नोटिस को लेकर विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा कि मैं भाजपा का प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हूं. मैंने जो कुछ कहा वो सदन के अंदर का विषय है। मैंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है। मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा। पार्टी का नोटिस अभी मुझे प्राप्त नहीं हुआ है। अगर मुझे मिलेगा तो मैं उसके तथ्यानुरूप जवाब से पार्टी को अवगत कराऊंगा। उन्होंने कहा था कि भू-माफियाओं की साजिश की वजह से किसानों को अपनी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है. सालों से यहां भूमि का अधिग्रहण कुछ ही महीनों के लिए होता था, लेकिन स्थाई तौर पर कब्जा सही नहीं है।
दूसरे नेताओं को क्यों नहीं जारी किया नोटिस?
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी में कोई आवाज़ उठाता है तो उसकी आवाज़ दबा दी जाती है. किसानों के मुद्दे पर हम उनके साथ है. कांग्रेस पार्टी भी उज्जैन जाकर किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल होगी। नोटिस जारी करना ही थे भाजपा को तो आख़रि क्यों गोविंद राजपूत ,प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग को नहीं किए। दूसरी तरफ़ भाजपा इस मामले पर चुप है। वहीं पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा है कि मालवीय ने किसानों का मुद्दा उठाया था और अब भाजपा ने उन्हें नोटिस दिया है इससे भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। यह साफ हो गया है कि भाजपा सरकार किसानों के साथ नहीं है।
