कांग्रेस विधायकों को भी विकास के लिए 15 करोड़ स्वीकृत करें
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कांग्रेस विधायकों ने सौंपा विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि भाजपा विधायकों की तरह कांग्रेस विधयाकों को भी क्षेत्र के विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि कांग्रेस विधायकों के साथ मैंने विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर भाजपा विधायकों की तर्ज पर कांग्रेस के सभी विधायकों को भी क्षेत्र के विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपए दिए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा भाजपा के विधायकों को तो अपने क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन कांग्रेस के किसी भी विधायक को विकास की राशि प्रदान नहीं की गई। विधानसभा का प्रत्येक सदस्य जनता द्वारा चुनकर आता है। विधायक कांग्रेस से हो या भाजपा से, हर विधायक जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहता है। सरकार के इस भेदभाव का असर जनता और क्षेत्र के विकास पर सीधा पड़ रहा है। यह भेदभाव जनता के साथ अन्याय है।
बीते दिनों कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि भाजपा विधायकों को 15 करोड़ की विकास निधि, किंतु कांग्रेस विधायकों को शून्य क्यों? विकास कार्यों की राशि में 30-40 प्रतिशत कमीशन की लूट क्यों? मुख्यमंत्री जी संवैधानिक शपथ याद करें और जनहित के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान निधि दें। याद रखें मध्य प्रदेश की जनता के हक के लिए हम लड़े हैं और हमेशा लड़ते रहेंगे।
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि भाजपा विधायकों की तरह कांग्रेस विधयाकों को भी क्षेत्र के विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि कांग्रेस विधायकों के साथ मैंने विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर भाजपा विधायकों की तर्ज पर कांग्रेस के सभी विधायकों को भी क्षेत्र के विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपए दिए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा भाजपा के विधायकों को तो अपने क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन कांग्रेस के किसी भी विधायक को विकास की राशि प्रदान नहीं की गई। विधानसभा का प्रत्येक सदस्य जनता द्वारा चुनकर आता है। विधायक कांग्रेस से हो या भाजपा से, हर विधायक जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहता है। सरकार के इस भेदभाव का असर जनता और क्षेत्र के विकास पर सीधा पड़ रहा है। यह भेदभाव जनता के साथ अन्याय है।
बीते दिनों कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि भाजपा विधायकों को 15 करोड़ की विकास निधि, किंतु कांग्रेस विधायकों को शून्य क्यों? विकास कार्यों की राशि में 30-40 प्रतिशत कमीशन की लूट क्यों? मुख्यमंत्री जी संवैधानिक शपथ याद करें और जनहित के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान निधि दें। याद रखें मध्य प्रदेश की जनता के हक के लिए हम लड़े हैं और हमेशा लड़ते रहेंगे।
