मंच की लड़ाई समाप्त करो, जनता की लड़ाई लड़ो
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दिग्विजय गुटबाजी से हुए खफा, नेताओं को दी नसीहत
भोपाल। प्रदेश में लगातार कमजोर हो रहे कांग्रेस संगठन और नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर कांग्रेस नेताओं से खफा नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका इजहार किया और नेताओं को नसीहत दी कि मंच की लड़ाई ना लड़ें और जनता के लिए बेरोजगारी, महंगाई, भ्रश्टार की लड़ाई लड़ें।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मध्यप्रदेश कांग्रेस नेताओं को खरी खरी सुनाई गई है। पोस्ट की ख़ास बात यह गई कि पोस्ट में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को टैग किया गया है। पोस्ट में इशारों-इशारों में गुटबाज़ी पर लगाम लगाने की नसीहत देते हुए मंच की लड़ाई ख़त्म करते हुए जनता के लिए महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार के ख़लिफ आवाज़ उठाने और सरकार से लड़ाई लड़ने की नसीहत दी गई है। दरअसल 10 मार्च को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में किसान कांग्रेस के बैनर तले विधान सभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी भोपाल पहुंचे थे। तय कार्यक्रम अनुसार कांग्रेसी रंग महल चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से विधानसभा जाने का कार्यक्रम था। रंग महल चौराहे पर एक विशाल मंच भी बनाया गया था। जिससे कांग्रेस नेता कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेसजनों को संबोधित कर रहे थे। हालांकि क्षमता से ज्यादा वजन होने की वजह से मंच टूट गया था जिसमें कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोट आई थी। मंच टूटने मामले में पुलिस से शिकायत की गई और मंच लगाने वाले टैंट व्यवसाई पर एफ़आईआर भी दर्ज की गई है।
इस घटना के बाद कांग्रेस नेता सुनील कुमार आदिवासी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि धरना प्रदर्शन के दौरान मंच का टूटना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश है। अब नेताओं को मंच की ऊंचाई से नहीं, बल्कि जनता के बीच ज़मीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को समझना और सुलझाना होगा। इसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस नेताओं खासकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को नसीहत दी है।
भोपाल। प्रदेश में लगातार कमजोर हो रहे कांग्रेस संगठन और नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर कांग्रेस नेताओं से खफा नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका इजहार किया और नेताओं को नसीहत दी कि मंच की लड़ाई ना लड़ें और जनता के लिए बेरोजगारी, महंगाई, भ्रश्टार की लड़ाई लड़ें।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मध्यप्रदेश कांग्रेस नेताओं को खरी खरी सुनाई गई है। पोस्ट की ख़ास बात यह गई कि पोस्ट में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को टैग किया गया है। पोस्ट में इशारों-इशारों में गुटबाज़ी पर लगाम लगाने की नसीहत देते हुए मंच की लड़ाई ख़त्म करते हुए जनता के लिए महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार के ख़लिफ आवाज़ उठाने और सरकार से लड़ाई लड़ने की नसीहत दी गई है। दरअसल 10 मार्च को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में किसान कांग्रेस के बैनर तले विधान सभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी भोपाल पहुंचे थे। तय कार्यक्रम अनुसार कांग्रेसी रंग महल चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से विधानसभा जाने का कार्यक्रम था। रंग महल चौराहे पर एक विशाल मंच भी बनाया गया था। जिससे कांग्रेस नेता कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेसजनों को संबोधित कर रहे थे। हालांकि क्षमता से ज्यादा वजन होने की वजह से मंच टूट गया था जिसमें कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को चोट आई थी। मंच टूटने मामले में पुलिस से शिकायत की गई और मंच लगाने वाले टैंट व्यवसाई पर एफ़आईआर भी दर्ज की गई है।
इस घटना के बाद कांग्रेस नेता सुनील कुमार आदिवासी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि धरना प्रदर्शन के दौरान मंच का टूटना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश है। अब नेताओं को मंच की ऊंचाई से नहीं, बल्कि जनता के बीच ज़मीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को समझना और सुलझाना होगा। इसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस नेताओं खासकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को नसीहत दी है।
