वित्त मंत्री आज पेश करेंगे राज्य का बजट
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भोपाल। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कल 12 मार्च को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपना वार्षिक बजट पेश करेंगे। इसके पहले आज सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज राज्य विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 19,206.79 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। दूसरा अनुपूरक बजट जो विभिन्न विकास योजनाओं और आवश्यक खर्चों को पूरा करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए 19206 करोड़ 79 लाख 529 रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट में मंत्रियों के बंगलों की सजावट का सरकार ने विशेष ध्यान रखा है। इस अनुपूरक बजट में शासकीय आवासों की मरम्मत के लिए 205 करोड़ रुपए बजट में तय किए गए हैं। मंत्रियों के आवासों की सजावट पर 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
वहीं अब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कल 12 मार्च को राज्य का वित्तीय वर्ष 2025-26 का मुख्य बजट प्रस्तुत करेंगे, जिसका आकार लगभग 4.25 लाख करोड़ होने की संभावना है। मोहन सरकार का यह बजट युवाओं को रोजगार, किसानों को आर्थिक मजबूती, अधोसंरचना विकास और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित होगा। सरकार का लक्ष्य राज्य की अर्थव्यवस्था को तेज गति से आगे बढ़ाना और मध्यप्रदेश को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज राज्य विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 19,206.79 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। दूसरा अनुपूरक बजट जो विभिन्न विकास योजनाओं और आवश्यक खर्चों को पूरा करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए 19206 करोड़ 79 लाख 529 रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट में मंत्रियों के बंगलों की सजावट का सरकार ने विशेष ध्यान रखा है। इस अनुपूरक बजट में शासकीय आवासों की मरम्मत के लिए 205 करोड़ रुपए बजट में तय किए गए हैं। मंत्रियों के आवासों की सजावट पर 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
वहीं अब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कल 12 मार्च को राज्य का वित्तीय वर्ष 2025-26 का मुख्य बजट प्रस्तुत करेंगे, जिसका आकार लगभग 4.25 लाख करोड़ होने की संभावना है। मोहन सरकार का यह बजट युवाओं को रोजगार, किसानों को आर्थिक मजबूती, अधोसंरचना विकास और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित होगा। सरकार का लक्ष्य राज्य की अर्थव्यवस्था को तेज गति से आगे बढ़ाना और मध्यप्रदेश को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
