उमंग की बढ़ सकती है मुश्किलें, सोनिया की मौत मामले की जांच की मांग
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भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मुसीबत बढ़ सकती है। राज्य के मंत्री गोविंद राजपूत द्वारा मानहानि का नोटिस भेजने के अलावा उनके खिलाफ सोनिया भारद्वाज की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका प्रतिमा मुदगल द्वारा लगाई गई है।
प्रतिमा मुदगल के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा 2022 में दिए गए एक आर्डर के खिलाफ यह एसएलपी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि उक्त केस के अनुसार उमंग सिंघार के घर में बेडरूम से लिव इन पार्टनर सोनिया भारद्वाज की 16 मई 2021 को लाश मिली थी, लेकिन इस मामले में भादवि की धारा 306 के तहत आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया था। वकील ने कहा कि तब सिंघार के एक परिचित अफसर ने इस केस में हत्या को सुसाइड का रूप देने में मदद की थी। इसके बाद केस ट्रायल के लिए पहुंचा, लेकिन ट्रायल और इन्वेस्टिगेशन से पहले एफआईआर दर्ज होने के पांचवें-छठवें दिन एफआईआर को खत्म करने की एक अपील हाईकोर्ट जबलपुर में डाल दी गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 5 जनवरी 2022 को एफआईआर को खत्म करने के ऑर्डर कर दिए। वकील ने कहा कि अब इसी मामले में जांच मांग की है, जिससे पता चल सके कि यह घटना आत्महत्या है या यह हत्या।
प्रतिमा मुदगल के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा 2022 में दिए गए एक आर्डर के खिलाफ यह एसएलपी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि उक्त केस के अनुसार उमंग सिंघार के घर में बेडरूम से लिव इन पार्टनर सोनिया भारद्वाज की 16 मई 2021 को लाश मिली थी, लेकिन इस मामले में भादवि की धारा 306 के तहत आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया था। वकील ने कहा कि तब सिंघार के एक परिचित अफसर ने इस केस में हत्या को सुसाइड का रूप देने में मदद की थी। इसके बाद केस ट्रायल के लिए पहुंचा, लेकिन ट्रायल और इन्वेस्टिगेशन से पहले एफआईआर दर्ज होने के पांचवें-छठवें दिन एफआईआर को खत्म करने की एक अपील हाईकोर्ट जबलपुर में डाल दी गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 5 जनवरी 2022 को एफआईआर को खत्म करने के ऑर्डर कर दिए। वकील ने कहा कि अब इसी मामले में जांच मांग की है, जिससे पता चल सके कि यह घटना आत्महत्या है या यह हत्या।
