भाजपा को जल्द मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष
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दावेदार कई, केन्द्र नए अध्यक्ष के नाम पर लगाएगा मोहर
भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव मार्च माह के पहले पखवाड़े में हो जाएगा। नए अध्यक्ष के नाम पर सर्व सम्मति बनाए जाने के बात सामने आ रही है। नए अध्यक्ष के नाम पर मंथन तो कई बार हुआ, मगर भाजपा का राश्टीय नेतृत्व ही नाम पर मोहर लगाएगा।
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव दिल्ली के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के कारण चुनाव टाल दिया गया था। भाजपा संगठन जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित करने जा रहा है। माना जा रहा है कि मार्च माह की दस तारीख तक प्रदेश के नए अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। प्रदेश भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दावेदार अनेक है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा इसका फैसला सिर्फ भाजपा हाईकमान करेगा। हालांकि, पार्टी ने प्रदेश में 2003 से चली आ रही परम्परा ही चलाई है, जिसके चलते सत्ता ओबीसी वर्ग के हाथों में और वर्तमान में सत्ता की कमान सवर्ण वर्ग के पास है। फिलहाल, इन सभी दावेदारों के नाम पर संगठन के चुनाव अधिकारियों के अलावा केन्द्रीय नेतृत्व भी अपनी नजर बनाए हुए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामों पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य इकाई के अध्यक्ष वीडी शर्मा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के साथ चर्चा की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए लंबे समय से कवायद कर रही है। जिला इकाई के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य इकाई के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। सभी दावेदार इस पद को पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
एक नाम पर सहमति बनाएंगे नेता
सूत्रों के मुताबिक इस पद की रेस में बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम दूसरों से आगे है। राष्ट्रीय सह-संगठन महासचिव शिव प्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महासचिव अजय जमवाल को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि एक नाम पर सहमति बने। खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव का समर्थन प्राप्त है इसलिए, उनकी उम्मीदवारी का कोई विरोध नहीं होगा। फिर भी नए अध्यक्ष के नाम पर केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा। ये दोनों नेता राज्य के प्रमुख नेताओं से बातचीत कर चयनित नामों पर आम सहमति बनाएंगे।
भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव मार्च माह के पहले पखवाड़े में हो जाएगा। नए अध्यक्ष के नाम पर सर्व सम्मति बनाए जाने के बात सामने आ रही है। नए अध्यक्ष के नाम पर मंथन तो कई बार हुआ, मगर भाजपा का राश्टीय नेतृत्व ही नाम पर मोहर लगाएगा।
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव दिल्ली के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के कारण चुनाव टाल दिया गया था। भाजपा संगठन जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित करने जा रहा है। माना जा रहा है कि मार्च माह की दस तारीख तक प्रदेश के नए अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। प्रदेश भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दावेदार अनेक है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा इसका फैसला सिर्फ भाजपा हाईकमान करेगा। हालांकि, पार्टी ने प्रदेश में 2003 से चली आ रही परम्परा ही चलाई है, जिसके चलते सत्ता ओबीसी वर्ग के हाथों में और वर्तमान में सत्ता की कमान सवर्ण वर्ग के पास है। फिलहाल, इन सभी दावेदारों के नाम पर संगठन के चुनाव अधिकारियों के अलावा केन्द्रीय नेतृत्व भी अपनी नजर बनाए हुए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामों पर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य इकाई के अध्यक्ष वीडी शर्मा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के साथ चर्चा की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए लंबे समय से कवायद कर रही है। जिला इकाई के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य इकाई के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। सभी दावेदार इस पद को पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
एक नाम पर सहमति बनाएंगे नेता
सूत्रों के मुताबिक इस पद की रेस में बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम दूसरों से आगे है। राष्ट्रीय सह-संगठन महासचिव शिव प्रकाश और क्षेत्रीय संगठन महासचिव अजय जमवाल को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि एक नाम पर सहमति बने। खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव का समर्थन प्राप्त है इसलिए, उनकी उम्मीदवारी का कोई विरोध नहीं होगा। फिर भी नए अध्यक्ष के नाम पर केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा। ये दोनों नेता राज्य के प्रमुख नेताओं से बातचीत कर चयनित नामों पर आम सहमति बनाएंगे।
