विधानसभा के बजट सत्र में नौ बैठकें, बढ़ाई जाए अवधि
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राज्यपाल से मिले कांग्रेस विधायक, सौंपा ज्ञापन
भोपाल। राज्य विधानसभा के बजट सत्र की अवधि को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस विधायकों ने आज बजट की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। विधायकों ने कहा कि बजट सत्र के महत्व को देखते हुए बैठकें बढ़ाई जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। नेता प्रतिपक्ष के साथ उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आरिफ मसूद और सुरेश राजे ने राज्यपाल को कांग्रेस विधायकों की ओर से ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, सामान्यतः पिछले सालों के बजट सत्र पूरे एक महीने चलते थे और हर विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होती थी। लेकिन अब तो प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे इसमें हस्तक्षेप करें। राज्यपाल ने हमसे पूछा कि आपकी सरकार से इस विषय पर कोई चर्चा हुई है क्या? इस पर हमने कहा कि पहले परंपराएं थीं, लेकिन अब उन्हें बदल दिया गया है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे इस विषय में सरकार से बात करेंगे।
तो मध्यप्रदेश को केंद्र शासित प्रदेश बना दें
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और आपको इसमें हस्तक्षेप करना पड़ेगा। अगर आप लोकतंत्र नहीं चाहते हैं तो बता दें और यहां से मध्यप्रदेश को केंद्र शासित करने का प्रस्ताव भेज दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि सरकार चर्चा से क्यों डरती है? अगर सरकार समाज, युवाओं और ’लाड़ली बहना’ के लिए काम कर रही है तो सामने आए। आप विधानसभा से क्यों भाग रहे हैं? यह लोग सिर्फ मंत्री और मुख्यमंत्री बनने के लिए सरकार बनाते हैं। इन्हें जनता की आवाज और समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। इसीलिए ये विधानसभा में चर्चा नहीं करना चाहते और लाइव टेलीकास्ट से बचते हैं। जब जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की बात उठाता है तो सरकार के पास कोई जवाब नहीं होता।
लगातार कम हो रही बैठकें
वर्ष 2022 – 2023 में बजट सत्र में कुल 19 बैठके हुई, तो वही 2023- 24 में 13 बैठके हुई। इस बार सत्र 2024 – 2025 में कुल 9 बैठक होगी। बता दें कि, मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट 3 जुलाई 2024 को प्रस्तुत किया था। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 3,65,067 करोड़ रुपये का था। जो कि वर्ष 2023-24 के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक था।
भोपाल। राज्य विधानसभा के बजट सत्र की अवधि को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस विधायकों ने आज बजट की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। विधायकों ने कहा कि बजट सत्र के महत्व को देखते हुए बैठकें बढ़ाई जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। नेता प्रतिपक्ष के साथ उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आरिफ मसूद और सुरेश राजे ने राज्यपाल को कांग्रेस विधायकों की ओर से ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, सामान्यतः पिछले सालों के बजट सत्र पूरे एक महीने चलते थे और हर विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होती थी। लेकिन अब तो प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे इसमें हस्तक्षेप करें। राज्यपाल ने हमसे पूछा कि आपकी सरकार से इस विषय पर कोई चर्चा हुई है क्या? इस पर हमने कहा कि पहले परंपराएं थीं, लेकिन अब उन्हें बदल दिया गया है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे इस विषय में सरकार से बात करेंगे।
तो मध्यप्रदेश को केंद्र शासित प्रदेश बना दें
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और आपको इसमें हस्तक्षेप करना पड़ेगा। अगर आप लोकतंत्र नहीं चाहते हैं तो बता दें और यहां से मध्यप्रदेश को केंद्र शासित करने का प्रस्ताव भेज दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि सरकार चर्चा से क्यों डरती है? अगर सरकार समाज, युवाओं और ’लाड़ली बहना’ के लिए काम कर रही है तो सामने आए। आप विधानसभा से क्यों भाग रहे हैं? यह लोग सिर्फ मंत्री और मुख्यमंत्री बनने के लिए सरकार बनाते हैं। इन्हें जनता की आवाज और समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। इसीलिए ये विधानसभा में चर्चा नहीं करना चाहते और लाइव टेलीकास्ट से बचते हैं। जब जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की बात उठाता है तो सरकार के पास कोई जवाब नहीं होता।
लगातार कम हो रही बैठकें
वर्ष 2022 – 2023 में बजट सत्र में कुल 19 बैठके हुई, तो वही 2023- 24 में 13 बैठके हुई। इस बार सत्र 2024 – 2025 में कुल 9 बैठक होगी। बता दें कि, मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट 3 जुलाई 2024 को प्रस्तुत किया था। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 3,65,067 करोड़ रुपये का था। जो कि वर्ष 2023-24 के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक था।
