पसंद के अनुसार दी जाएगी स्कूटी, भ्रम ना फैलाए कांग्रेस नेता
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भोपाल। कांग्रेस नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शुक्रवार को कहा कि, प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को हमारी सरकार की तरफ से दी जाने वाली स्कूटी उनकी पसंद के अनुसार इलेक्ट्रिक या पेट्रोल दी जाएगी। कुछ लोगों द्वारा टेंडर का भ्रम फैलाया जा रहा था जो पूर्णतः गलत है। हमारी सरकार लैपटॉप के पात्र विद्यार्थियों को भी शीघ्र ही लैपटॉप देगी।
दरअसल प्रदेश के मेधावी छात्रों को बुधवार 5 फरवरी को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने स्कूटी की सौगात दे दी थी। जानकारी के अनुसार लगभग सात हजार नौ सौ मेधावी छात्र-छात्राओं को सीएम यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकुर कन्वेंशन सेंटर में विद्यार्थियों को पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर दिए गए। सभी विद्यार्थियों को सरकार ने विकल्प भी दिया था। जो यह स्कूटर लेना नहीं चाहते हैं या जिनके पास पहले से स्कूटी हैं, उन्हें सरकार 95 हजार रुपये की राशि देगी। वहीं अगर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर लेना चाहता है, तो उसे 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड 12वीं के 7,900 टॉपर्स को स्कूटी वितरित की थी। सरकारी स्कूल के छात्रों को 2023 में शुरू की गई योजना के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 1.2 लाख और पेट्रोल स्कूटी के लिए 90,000 मिले थे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि, करीब 7,500 छात्रों को स्कूटी दी गई और कुल 21,000 छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे।
बजट में नहीं था प्रावधान, हम कराएंगे वादा पूरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि लैपटॉप और स्कूटी के लिए बजट में प्रावधान क्यों नहीं था, जब बजट में प्रावधान ही नहीं था तो ये स्कूटी कहां से देंगे? अब आनन-फानन में यहां-वहां से बजट तोड़कर स्कूटी दी जा रही हैं। इससे यह साफ होता है कि प्रदेश के मेधावी छात्रों को लैपटॉप या स्कूटी देने की इनकी कोई मंशा नहीं थी। अगर मंशा होती तो बजट में प्रावधान होता और समय पर वितरण किया जाता। उन्होंने कहा कि हर मेधावी छात्र को सरकार ने लैपटॉप देने का वादा किया था। हम सरकार से यह वादा पूरा करवाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने स्कूटी के मुद्दे को उठाकर कुंभकरणी सरकार को जगाने का प्रयास किया। यह हमारे मेधावी छात्रों के लिए प्रयास था, जिनका अधिकार बनता है कि उन्हें लैपटॉप और स्कूटी मिले। प्रतिशत अधिक था।
दरअसल प्रदेश के मेधावी छात्रों को बुधवार 5 फरवरी को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने स्कूटी की सौगात दे दी थी। जानकारी के अनुसार लगभग सात हजार नौ सौ मेधावी छात्र-छात्राओं को सीएम यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकुर कन्वेंशन सेंटर में विद्यार्थियों को पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर दिए गए। सभी विद्यार्थियों को सरकार ने विकल्प भी दिया था। जो यह स्कूटर लेना नहीं चाहते हैं या जिनके पास पहले से स्कूटी हैं, उन्हें सरकार 95 हजार रुपये की राशि देगी। वहीं अगर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर लेना चाहता है, तो उसे 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड 12वीं के 7,900 टॉपर्स को स्कूटी वितरित की थी। सरकारी स्कूल के छात्रों को 2023 में शुरू की गई योजना के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 1.2 लाख और पेट्रोल स्कूटी के लिए 90,000 मिले थे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि, करीब 7,500 छात्रों को स्कूटी दी गई और कुल 21,000 छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे।
बजट में नहीं था प्रावधान, हम कराएंगे वादा पूरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि लैपटॉप और स्कूटी के लिए बजट में प्रावधान क्यों नहीं था, जब बजट में प्रावधान ही नहीं था तो ये स्कूटी कहां से देंगे? अब आनन-फानन में यहां-वहां से बजट तोड़कर स्कूटी दी जा रही हैं। इससे यह साफ होता है कि प्रदेश के मेधावी छात्रों को लैपटॉप या स्कूटी देने की इनकी कोई मंशा नहीं थी। अगर मंशा होती तो बजट में प्रावधान होता और समय पर वितरण किया जाता। उन्होंने कहा कि हर मेधावी छात्र को सरकार ने लैपटॉप देने का वादा किया था। हम सरकार से यह वादा पूरा करवाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने स्कूटी के मुद्दे को उठाकर कुंभकरणी सरकार को जगाने का प्रयास किया। यह हमारे मेधावी छात्रों के लिए प्रयास था, जिनका अधिकार बनता है कि उन्हें लैपटॉप और स्कूटी मिले। प्रतिशत अधिक था।
