सफलता के लिए योग्यता के साथ नैतिक मूल्यों का अनुसरण भी जरूरी
0
मुख्यमंत्री ने सात हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को वितरित की स्कूटी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है।
विद्यार्थियों के साथ चलाई स्कूटी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप आदित्य राठौर, प्रशांत राजपूत, सिद्धार्थ साहू, रफत खान, आर्यन राजपूत, आकाश कुशवाह, स बबली मीणा, पलक सिंह, ऊषा मीणा और सलोनी दांगी को ई-स्कूटी की चाबी भेंट की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सरकारी स्कूलों में आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हैं अकादमिक गतिविधियां
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय शालाओं में श्रेष्ठतम अधोसंरचना के साथ ही विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम, मोटिवेशन क्लासेज और कॅरियर गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले इन कार्यों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री ने विद्यार्थी से अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर दृढ़ निश्चय के साथ अग्रसर होने और समर्पित भाव से इस ओर प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को निःशुल्क ई-स्कूटी प्रदान की गईं।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है।
विद्यार्थियों के साथ चलाई स्कूटी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप आदित्य राठौर, प्रशांत राजपूत, सिद्धार्थ साहू, रफत खान, आर्यन राजपूत, आकाश कुशवाह, स बबली मीणा, पलक सिंह, ऊषा मीणा और सलोनी दांगी को ई-स्कूटी की चाबी भेंट की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सरकारी स्कूलों में आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हैं अकादमिक गतिविधियां
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय शालाओं में श्रेष्ठतम अधोसंरचना के साथ ही विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम, मोटिवेशन क्लासेज और कॅरियर गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले इन कार्यों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री ने विद्यार्थी से अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर दृढ़ निश्चय के साथ अग्रसर होने और समर्पित भाव से इस ओर प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को निःशुल्क ई-स्कूटी प्रदान की गईं।
