लंबी खींचतान के बाद इंदौर शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष घोषित
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भाजपा ने नौ सूचियां जारी कर घोषित किए 62 जिला अध्यक्ष
भोपाल। लंबी खींचतान के बाद भाजपा ने आज इंदौर ष्शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। इंदौर ष्शहर में सुमित मिश्रा और इंदौर ग्रामीण में श्रवण सिंह चावड़ा को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दरअसल, भाजपा ने जिलाध्यक्षों की रायशुमारी की प्रक्रिया तो दिसंबर में ही पूरी कर ली थी, लेकिन नेताओं के गुट में खींचतान के चलते जिला अध्यक्षों का नाम ऐलान करने में लंबा समय लग गया। जिलाध्यक्षों की घोषणा की शुरुआत उज्जैन और विदिशा से हुई थी। इसके बाद अलग-अलग जिलों के जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई। भाजपा की ओर से 9 सूचियां जारी कर 62 जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी गई है। संगठनात्मक दृष्टि से पहले भाजपा के 60 जिले हुए करते थे, लेकिन इस नियम में फेरबदल करते हुए 62 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा की है। सागर और धार जिले में भाजपा ने शहरी के साथ-साथ ग्रामीण जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की है।
इंदौर भाजपा में शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का नाम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला की ओर से बढ़ाया गया था। रमेश मेंदोला, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कैलाश की सहमति पर ही सुमित के नाम मुहर लगी है। इसके अलावा जिलाध्यक्षों की घोषणा से पहले मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद यह माना जा रहा था कि ग्रामीण अध्यक्ष सीलावट समर्थक को मिल सकता है। मगर भाजपा ने ग्रामीण अध्यक्ष भी कैलाश वियजवर्गीय समर्थक को ही बनाया है। बताया जाता है कि सिलावट ने चिंटू वर्मा का नाम आगे बढ़ाया था, मगर सभी विधायक उनके नाम से खफा थे। श्रवण सिंह चावड़ा के नाम पर विजयवर्गीय के अलावा रमेश मेंदोला और अन्य विधायकों की भी सहमति होना बताया जा रहा है। सूत्रों की माने तो चावड़ा युवा मोर्चा ग्रामीण के जिला अध्यक्ष रहे हैं। उन्हें यह पद दिलाने में विजयवर्गीय और मेंदोला दोनों की महती भूमिका रही थी।
भोपाल। लंबी खींचतान के बाद भाजपा ने आज इंदौर ष्शहर और ग्रामीण जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। इंदौर ष्शहर में सुमित मिश्रा और इंदौर ग्रामीण में श्रवण सिंह चावड़ा को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दरअसल, भाजपा ने जिलाध्यक्षों की रायशुमारी की प्रक्रिया तो दिसंबर में ही पूरी कर ली थी, लेकिन नेताओं के गुट में खींचतान के चलते जिला अध्यक्षों का नाम ऐलान करने में लंबा समय लग गया। जिलाध्यक्षों की घोषणा की शुरुआत उज्जैन और विदिशा से हुई थी। इसके बाद अलग-अलग जिलों के जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई। भाजपा की ओर से 9 सूचियां जारी कर 62 जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी गई है। संगठनात्मक दृष्टि से पहले भाजपा के 60 जिले हुए करते थे, लेकिन इस नियम में फेरबदल करते हुए 62 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा की है। सागर और धार जिले में भाजपा ने शहरी के साथ-साथ ग्रामीण जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की है।
इंदौर भाजपा में शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का नाम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला की ओर से बढ़ाया गया था। रमेश मेंदोला, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कैलाश की सहमति पर ही सुमित के नाम मुहर लगी है। इसके अलावा जिलाध्यक्षों की घोषणा से पहले मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद यह माना जा रहा था कि ग्रामीण अध्यक्ष सीलावट समर्थक को मिल सकता है। मगर भाजपा ने ग्रामीण अध्यक्ष भी कैलाश वियजवर्गीय समर्थक को ही बनाया है। बताया जाता है कि सिलावट ने चिंटू वर्मा का नाम आगे बढ़ाया था, मगर सभी विधायक उनके नाम से खफा थे। श्रवण सिंह चावड़ा के नाम पर विजयवर्गीय के अलावा रमेश मेंदोला और अन्य विधायकों की भी सहमति होना बताया जा रहा है। सूत्रों की माने तो चावड़ा युवा मोर्चा ग्रामीण के जिला अध्यक्ष रहे हैं। उन्हें यह पद दिलाने में विजयवर्गीय और मेंदोला दोनों की महती भूमिका रही थी।
