पेंशन हितग्राहियों का ई-केवाइसी 15 तक पूरा किया जाए
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मंत्री ने दिए निर्देश, जिनके फिंगर प्रिंट नहीं आ रहे उनके कराएं आइरिस ऑथेंटिकेशन
भोपाल। सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के ई-केवाइसी प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इसके तहत ऐसे हितग्राही जिनके बायोमेट्रिक प्रक्रिया में फिंगर प्रिंट नहीं आ पा रहे है उनका आइरिस ऑथेंटिकेशन कराया जायगा। मंत्री ने निर्देश दिये है कि पेंशन हितग्राहियों का ई-केवाइसी का कार्य 15 फरवरी तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए।
प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सोनाली वायंगणकर ने कलेक्टर्स ओर विभागीय अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 49 लाख 84 हजार पेंशन हितग्राहियों का समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाइसी किया जा चुका है। शेष हितग्राहियों के ई-केवायसी की प्रक्रिया जारी है। जिन हितग्राहियों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं हो पा रहा है, उनका आइरिस ऑथेंटिकेशन (आँख के माध्यम से) कराया जाएगा। जो वृद्धजन, दिव्यांगजन चलन-फिरने में असमर्थ है उनका भौतिक सत्यापन करा कर पेंशन जारी रखी जाएगी। साथ ही जिन हितग्राहियों को बायोमेट्रिक या आइरिस (आँखों से प्रमाणीकरण) ऑथेंटिकेशन नहीं हो पा रहा है। उनका फेस-प्रमाणीकरण कराया जाएगा। वायंगणकर ने बताया कि जिन हितग्राहियों का उक्त तीनों प्रकार से प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है उनका निवास स्थान पर पहुंचकर स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद उसे पेंशन पोर्टल पर चिन्हित कर प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया के दौरान हितग्राही की पेंशन जारी रखी जाएगी।
पलायन करने वाले हितग्राहियों की जानकारी करें प्राप्त
वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश के ऐसे पेंशन हितग्राही जो रोजगार की तलाश में पलायन कर गए हों, उनके बारे में ग्राम पंचायत सचिव अथवा वार्ड प्रभारी से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की जाएगी। हितग्राहियों के बैंक ओर पोस्ट ऑफिस में ट्रान्जेक्शन अथवा मोबाइल नम्बर से सम्पर्क किया जायेगा, सम्पर्क नहीं होने पर ऐसे हितग्राहियों को पलायन कर्ता घोषित कर पेंशन होल्ड कर दी जाएगी।
भोपाल। सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के ई-केवाइसी प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इसके तहत ऐसे हितग्राही जिनके बायोमेट्रिक प्रक्रिया में फिंगर प्रिंट नहीं आ पा रहे है उनका आइरिस ऑथेंटिकेशन कराया जायगा। मंत्री ने निर्देश दिये है कि पेंशन हितग्राहियों का ई-केवाइसी का कार्य 15 फरवरी तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए।
प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सोनाली वायंगणकर ने कलेक्टर्स ओर विभागीय अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 49 लाख 84 हजार पेंशन हितग्राहियों का समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाइसी किया जा चुका है। शेष हितग्राहियों के ई-केवायसी की प्रक्रिया जारी है। जिन हितग्राहियों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं हो पा रहा है, उनका आइरिस ऑथेंटिकेशन (आँख के माध्यम से) कराया जाएगा। जो वृद्धजन, दिव्यांगजन चलन-फिरने में असमर्थ है उनका भौतिक सत्यापन करा कर पेंशन जारी रखी जाएगी। साथ ही जिन हितग्राहियों को बायोमेट्रिक या आइरिस (आँखों से प्रमाणीकरण) ऑथेंटिकेशन नहीं हो पा रहा है। उनका फेस-प्रमाणीकरण कराया जाएगा। वायंगणकर ने बताया कि जिन हितग्राहियों का उक्त तीनों प्रकार से प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है उनका निवास स्थान पर पहुंचकर स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद उसे पेंशन पोर्टल पर चिन्हित कर प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया के दौरान हितग्राही की पेंशन जारी रखी जाएगी।
पलायन करने वाले हितग्राहियों की जानकारी करें प्राप्त
वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश के ऐसे पेंशन हितग्राही जो रोजगार की तलाश में पलायन कर गए हों, उनके बारे में ग्राम पंचायत सचिव अथवा वार्ड प्रभारी से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की जाएगी। हितग्राहियों के बैंक ओर पोस्ट ऑफिस में ट्रान्जेक्शन अथवा मोबाइल नम्बर से सम्पर्क किया जायेगा, सम्पर्क नहीं होने पर ऐसे हितग्राहियों को पलायन कर्ता घोषित कर पेंशन होल्ड कर दी जाएगी।
