प्रदेश में मंत्रियों के अनुमोदन पर होंगे तबादले
संशोधित तबादला नीति की जारी
भोपाल। प्रदेश में अब तबादले हो सकेंगे। राज्य सरकार ने संशोधित तबादला नीति जारी कर दी है। नई नीति की मंजूरी को लेकर गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। हालांकि यह तबादले विभागीय मंत्री की अनुमति से ही हो सकेंगे।
बता दें कि सरकारी कर्मचारी लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में इसकी जानकारी दी थी। संशोधित तबादला नीति में गंभीर बीमारी यथा कैंसर, लकवा, हार्ट के मरीज को तबादले में प्राथमिकता मिलेगी। ऐसे न्यायालयीन निर्णय के अनुक्रम में, जिसके माध्यम से प्रदत्त आदेश के अनुपालन के अतिरिक्त और कोई विधिक विकल्प शेष न हो, लेकिन ऐसी परिस्थिति में स्थानांतरित किए जा रहे स्थान पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के तबादले विभागीय मंत्री के अनुमोदन से होंगे। जिन कर्मचारियों के खिलाफ जांच चल रही है, उनका तबादला नहीं होगा। जांच प्रभावित होने की आशंका को लेकर नियम में बदलाव किया गया है। गंभीर बीमारी से जुड़े हुए मामलों में भी ट्रांसफर हो सकेंगे।
अधिकारियों को ऑनलाइन देना होगा कामकाज का रिकॉर्ड
प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने की कवायद शुरू हो गई है। छोटे कर्मचारी ही नहीं बल्कि प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को भी अपने कामकाज की जानकारी देनी होगी। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिया गया हैं। आदेश के मुताबिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को भी अपने कामकाज का रिकॉर्ड ऑनलाइन देना होगा। मंत्रालय से लेकर प्रदेश भर के सभी प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को 31 मार्च तक सरकार को कामकाज की रिपोर्ट ऑनलाइन देनी होगी। साथ ही अधिकारी के खिलाफ चल रही जांच और निलंबन की भी सूचना देनी होगी। 90 दिन से काम काम करने वाले अधिकारियों को भी सामान्य प्रशासन विभाग ने ऑनलाइन जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
