भारतीय सेना पर देश और दुनिया को है गर्व
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्मी मैराथन विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश और दुनिया को भारतीय सेवा पर गर्व है। बेहद अनुशासित इकाई के रूप में सेना ने अपनी विशेष पहचान बनाई है। अपनी क्षमता और योग्यता से दुनिया की कई चुनौतियों का समाधान कर भारतीय सेना ने कठिनतम समय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव, फिटनेस-एकता और देश भक्ति के लिए “फिट इंडिया रन विथ इंडियन आर्मी“ के आदर्श वाक्य के साथ द्रोणाचल में आयोजित आर्मी मैराथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन विजेताओं को पुरस्कार वितरित भी किऐ। इस अवसर पर उत्साह और जोश से भरपूर भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आजादी मिलने के समय, विश्व के कई देश स्वतंत्र हुए लेकिन भारत आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित है, इस पर सभी भारतवासियों को गर्व है। भारतीय सेना का अनुशासन, सजकता, स्फूर्ति और तत्परता ही इस गौरव का आधार है। साहस और शक्ति से संपन्न भारतीय सेना ने हर राजनीतिक परिस्थिति में अपनी सीमा और अनुशासन में रहते हुए मूल भूमिका का निर्वहन किया और देश हित में श्रेष्ठतम योगदान दिया।
बेटा-बेटी बराबर के हकदार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षमता और योग्यता में बेटा-बेटी बराबर है और उनके अधिकार भी समान है। अतः आर्मी मैराथन में विजेता बेटियों को समान राशि के ही पुरस्कार प्रदान किए जाएं। मुख्यमंत्री ने हॉफ मैराथन ओपन केटेगरी के अंतर्गत पुरुष वर्ग के विजेता रोहित वर्मा को 1 लाख रुपये, रनर अप हरीश को 50 हजार और तृतीय स्थान पर रहे हुकुम को 25 हजार रुपये का चैक और मध्यप्रदेश पर्यटन का कूपन पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया। महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त भारती नैन, द्वितीय स्थान पर रहीं किरण साहू और तृतीय स्थान पर रहीं प्रीति खण्डेलवाल को पुरस्कृत किया।
सिंहस्थ महाकुंभ से उज्जैन बनेगा वैश्विक धार्मिक पर्यटन गंतव्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ महाकुंभ अद्भुत सामाजिक समागम है, इससे समाज की दिशा तय होती है। पहले लोग कुंभ के मेले में तय हुई दिशा को लेकर जाते थे और समाज में बदलाव के लिए काम करते थे। समय के साथ परंपराओं में बदलाव आया है, किन्तु हमें अपनी जड़ों और मूल्यों के महत्व को समझना होगा। धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित सिंहस्थ की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों में जुटी है, जिसमें विकास और अधोसंरचना के काम शुरू किये जा चुके हैं। सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं को क्षिप्रा नदी के निर्मल जल में ही स्नान कराया जाए और क्षिप्रा नदी में स्वच्छ एवं शुद्ध जल का प्रवाह सदा के लिए सुनिश्चित कर उसे सही अर्थों में पुण्य-सलिला और सदानीरा बनाया जाए, साथ ही पारिस्थितिकी संतुलन भी बना रहे।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश और दुनिया को भारतीय सेवा पर गर्व है। बेहद अनुशासित इकाई के रूप में सेना ने अपनी विशेष पहचान बनाई है। अपनी क्षमता और योग्यता से दुनिया की कई चुनौतियों का समाधान कर भारतीय सेना ने कठिनतम समय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव, फिटनेस-एकता और देश भक्ति के लिए “फिट इंडिया रन विथ इंडियन आर्मी“ के आदर्श वाक्य के साथ द्रोणाचल में आयोजित आर्मी मैराथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन विजेताओं को पुरस्कार वितरित भी किऐ। इस अवसर पर उत्साह और जोश से भरपूर भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आजादी मिलने के समय, विश्व के कई देश स्वतंत्र हुए लेकिन भारत आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित है, इस पर सभी भारतवासियों को गर्व है। भारतीय सेना का अनुशासन, सजकता, स्फूर्ति और तत्परता ही इस गौरव का आधार है। साहस और शक्ति से संपन्न भारतीय सेना ने हर राजनीतिक परिस्थिति में अपनी सीमा और अनुशासन में रहते हुए मूल भूमिका का निर्वहन किया और देश हित में श्रेष्ठतम योगदान दिया।
बेटा-बेटी बराबर के हकदार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षमता और योग्यता में बेटा-बेटी बराबर है और उनके अधिकार भी समान है। अतः आर्मी मैराथन में विजेता बेटियों को समान राशि के ही पुरस्कार प्रदान किए जाएं। मुख्यमंत्री ने हॉफ मैराथन ओपन केटेगरी के अंतर्गत पुरुष वर्ग के विजेता रोहित वर्मा को 1 लाख रुपये, रनर अप हरीश को 50 हजार और तृतीय स्थान पर रहे हुकुम को 25 हजार रुपये का चैक और मध्यप्रदेश पर्यटन का कूपन पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया। महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त भारती नैन, द्वितीय स्थान पर रहीं किरण साहू और तृतीय स्थान पर रहीं प्रीति खण्डेलवाल को पुरस्कृत किया।
सिंहस्थ महाकुंभ से उज्जैन बनेगा वैश्विक धार्मिक पर्यटन गंतव्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ महाकुंभ अद्भुत सामाजिक समागम है, इससे समाज की दिशा तय होती है। पहले लोग कुंभ के मेले में तय हुई दिशा को लेकर जाते थे और समाज में बदलाव के लिए काम करते थे। समय के साथ परंपराओं में बदलाव आया है, किन्तु हमें अपनी जड़ों और मूल्यों के महत्व को समझना होगा। धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित सिंहस्थ की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों में जुटी है, जिसमें विकास और अधोसंरचना के काम शुरू किये जा चुके हैं। सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं को क्षिप्रा नदी के निर्मल जल में ही स्नान कराया जाए और क्षिप्रा नदी में स्वच्छ एवं शुद्ध जल का प्रवाह सदा के लिए सुनिश्चित कर उसे सही अर्थों में पुण्य-सलिला और सदानीरा बनाया जाए, साथ ही पारिस्थितिकी संतुलन भी बना रहे।
