नगर पालिका परिषद पर दर्ज एफआईआर होगी वापस
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अफसरां से बहस और पुलिसकर्मियों से मारपीट का था आरोप
भोपाल। अवैध उत्खनन रोकने गए अधिकारियों से बहस करने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप वाली चित्रकूट नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की कार्रवाई शुरू हो गई है। लोक अभियोजन अधिकारी ने इस मामले को लोकहित का मामला बताकर फिर से परीक्षण कर एफआईआर वापस लेने की बात कही है।
बीते वर्ष 17 जनवरी 2023 को चित्रकूट के क्षेत्र सुरंगी ग्राम में अवैध उत्खनन की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने दी थी, जिसके बाद मौके पर अवैध उत्खनन को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम सुरंगी गांव पहुंची। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने कुछ लोगों को पकड़ा लिया, वहीं, कुछ समय बाद चित्रकूट नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल सुरंगी पहुंची। साधना पटेल ने अवैध उत्खनन पर कार्रवाई रही टीम का विरोध किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस से नगर परिषद अध्यक्ष की बहस हो गई थी। बहस के बाद नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल सहित अन्य लोगों ने टीम पर हमला बोल दिया। साथ ही प्रशासन द्वारा अवैध उत्खनन में जब्त किए गए वाहनों को छुड़ाकर वहां से भाग निकले। इस घटना के फुटेज लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिए थे, इन्हीं फुटेज में नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल एक पुलिसकर्मी पर चप्पल से हमला करते दिखाई दे रही हैं। इस मामले की शिकायत पर चित्रकूट पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 18/23 के तहत नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल सहित अन्य लोगों पर धारा 294, 353, 332, 506, 379, 147, 148, 149, 186 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
अभियोजन अधिकारी ने बताया लोकहित का मामला
मध्य प्रदेश लोक अभियोजन संचालनालय से प्रभारी संयुक्त संचालक ने 16 दिसंबर को जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखकर नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल पर लगाए गए प्रकरण को लोकहित का मामला बताते हुए प्रकरण का पुनः परीक्षण के बाद मामला वापस लेने की बात कही है। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट के दौरे पर रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में समग्र विकास की समीक्षा बैठक के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्रता करने की आरोपी नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल के घर भी पहुंचे। इसके बाद अब नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज प्रकरण को वापसी लेने का पत्र जारी किया गया है।
भोपाल। अवैध उत्खनन रोकने गए अधिकारियों से बहस करने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप वाली चित्रकूट नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की कार्रवाई शुरू हो गई है। लोक अभियोजन अधिकारी ने इस मामले को लोकहित का मामला बताकर फिर से परीक्षण कर एफआईआर वापस लेने की बात कही है।
बीते वर्ष 17 जनवरी 2023 को चित्रकूट के क्षेत्र सुरंगी ग्राम में अवैध उत्खनन की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने दी थी, जिसके बाद मौके पर अवैध उत्खनन को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम सुरंगी गांव पहुंची। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने कुछ लोगों को पकड़ा लिया, वहीं, कुछ समय बाद चित्रकूट नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल सुरंगी पहुंची। साधना पटेल ने अवैध उत्खनन पर कार्रवाई रही टीम का विरोध किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस से नगर परिषद अध्यक्ष की बहस हो गई थी। बहस के बाद नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल सहित अन्य लोगों ने टीम पर हमला बोल दिया। साथ ही प्रशासन द्वारा अवैध उत्खनन में जब्त किए गए वाहनों को छुड़ाकर वहां से भाग निकले। इस घटना के फुटेज लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिए थे, इन्हीं फुटेज में नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल एक पुलिसकर्मी पर चप्पल से हमला करते दिखाई दे रही हैं। इस मामले की शिकायत पर चित्रकूट पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 18/23 के तहत नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल सहित अन्य लोगों पर धारा 294, 353, 332, 506, 379, 147, 148, 149, 186 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
अभियोजन अधिकारी ने बताया लोकहित का मामला
मध्य प्रदेश लोक अभियोजन संचालनालय से प्रभारी संयुक्त संचालक ने 16 दिसंबर को जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखकर नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल पर लगाए गए प्रकरण को लोकहित का मामला बताते हुए प्रकरण का पुनः परीक्षण के बाद मामला वापस लेने की बात कही है। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट के दौरे पर रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में समग्र विकास की समीक्षा बैठक के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्रता करने की आरोपी नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल के घर भी पहुंचे। इसके बाद अब नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज प्रकरण को वापसी लेने का पत्र जारी किया गया है।
