हमीदिया अस्पताल के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में एक बार फिर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। आज गुरुवार सुबह से वार्ड बॉय और लैब टेक्नीशियन धरने पर बैठे। प्रदर्शन करने वालों कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है।
दरअसल, हॉस्पिटल मैनेजमेंट 400 कर्मचारियों को हटाने की तैयारी में है। 50 से अधिक कर्मचारियों को इस महीने की 20 तारीख तक सेवा समाप्ति के लेटर दिए जा चुके हैं। इसके विरुद्ध अब प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल थे। इसके चलते गुरुवार सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। कर्मचारी लगातार अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। हड़ताल में वार्ड बॉय और लैब टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इससे पहले गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इसे लेकर मैनेजमेंट में एक निजी कंपनी को लेटर जारी किया था। बताया जा रहा है कि निकाले जा रहे ये वही कर्मचारी हो सकते हैं, जिनकी नियुक्ति कोविड महामारी के दौरान हुई थी। संकट काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर उन्होंने लोगों की सेवा की थी, लेकिन अब उन्हें ही हटाया जा रहा है। वहीं डीन कविता एन. सिंह ने पहले कहा था कि शासन से स्वीकृत पदों के मुकाबले हमीदिया में 400 कर्मचारी अधिक हैं। वर्तमान में शासन द्वारा स्वीकृत पदों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि सैलरी को लेकर हमीदिया अस्पताल के 500 से अधिक वार्ड बॉय महीने भर में पहले ही दो बार हड़ताल कर चुके हैं। अस्पताल में रोजाना 2500 से अधिक मरीज ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) में आते हैं और 60 से अधिक ऑपरेशन किए जाते हैं।
दरअसल, हॉस्पिटल मैनेजमेंट 400 कर्मचारियों को हटाने की तैयारी में है। 50 से अधिक कर्मचारियों को इस महीने की 20 तारीख तक सेवा समाप्ति के लेटर दिए जा चुके हैं। इसके विरुद्ध अब प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल थे। इसके चलते गुरुवार सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। कर्मचारी लगातार अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। हड़ताल में वार्ड बॉय और लैब टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इससे पहले गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इसे लेकर मैनेजमेंट में एक निजी कंपनी को लेटर जारी किया था। बताया जा रहा है कि निकाले जा रहे ये वही कर्मचारी हो सकते हैं, जिनकी नियुक्ति कोविड महामारी के दौरान हुई थी। संकट काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर उन्होंने लोगों की सेवा की थी, लेकिन अब उन्हें ही हटाया जा रहा है। वहीं डीन कविता एन. सिंह ने पहले कहा था कि शासन से स्वीकृत पदों के मुकाबले हमीदिया में 400 कर्मचारी अधिक हैं। वर्तमान में शासन द्वारा स्वीकृत पदों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि सैलरी को लेकर हमीदिया अस्पताल के 500 से अधिक वार्ड बॉय महीने भर में पहले ही दो बार हड़ताल कर चुके हैं। अस्पताल में रोजाना 2500 से अधिक मरीज ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) में आते हैं और 60 से अधिक ऑपरेशन किए जाते हैं।
