सरकार लागू कर सकती है लोक सुरक्षा कानून
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गृह विभाग ने तैयार किया प्रारूप, विधि विभाग को भेजा
भोपाल। प्रदेश में सरकार लोक सुरक्षा कानून लागू कर सकती है। इसके लिए गृह विभाग ने प्रारूप तैयार कर विधि विभाग को भेजा है। विधि विभाग द्वारा स्वीकृति मिल जाती है तो सरकार अध्यादेश के जरिए यह कानून लागू कर सकती है।
सरकार ने लोक सुरक्षा कानून लागू कराने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में प्रयास किया था, मगर सत्र के जल्दी समाप्त हो जाने से यह मामला अटक गया। इसके बाद अब सरकार इस कानून को अध्यादेश के जरिए लागू करना चाह रही है। इसके चलते गृह विभाग ने कानून को लागू करने की तैयारी कर ली है। प्रारूप को परिमार्जन के लिए विधि विभाग को भेजा गया है।
गौरतलब है कि लोक सुरक्षा कानून बनाने की तैयारी साल 2020 से चल रही है. तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी थी। तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने तेलंगाना के सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसका डाटा सुरक्षित रखने संबंधी कानून की तर्ज पर लोक सुरक्षा कानून के तैयार किया था।
अस्पतालों, कॉलेजों सहित सौ स्थानों पर लगाने होंगे सीसीटीवी कैमरे
अगर सरकार इस कानून को लागू करती है तो राज्य के कॉलेजों, स्कूलों, मॉल, रेस्टोरेंट, अस्पतालों समेत ऐसे स्थान, जहां 100 से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं, वहां संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होंगे। ऐसे संस्थानों के बाहर कैमरे लगाने का खर्च भी संचालकों को उठाना होगा। इस कानून की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि कई बार पुलिस किसी केस में छानबीन करती है तो पता चलता है वहां कैमरे नहीं लगे थे। लगे भी थे तो रिकॉर्डिंग सुरक्षित नहीं है।
भोपाल। प्रदेश में सरकार लोक सुरक्षा कानून लागू कर सकती है। इसके लिए गृह विभाग ने प्रारूप तैयार कर विधि विभाग को भेजा है। विधि विभाग द्वारा स्वीकृति मिल जाती है तो सरकार अध्यादेश के जरिए यह कानून लागू कर सकती है।
सरकार ने लोक सुरक्षा कानून लागू कराने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में प्रयास किया था, मगर सत्र के जल्दी समाप्त हो जाने से यह मामला अटक गया। इसके बाद अब सरकार इस कानून को अध्यादेश के जरिए लागू करना चाह रही है। इसके चलते गृह विभाग ने कानून को लागू करने की तैयारी कर ली है। प्रारूप को परिमार्जन के लिए विधि विभाग को भेजा गया है।
गौरतलब है कि लोक सुरक्षा कानून बनाने की तैयारी साल 2020 से चल रही है. तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी थी। तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने तेलंगाना के सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसका डाटा सुरक्षित रखने संबंधी कानून की तर्ज पर लोक सुरक्षा कानून के तैयार किया था।
अस्पतालों, कॉलेजों सहित सौ स्थानों पर लगाने होंगे सीसीटीवी कैमरे
अगर सरकार इस कानून को लागू करती है तो राज्य के कॉलेजों, स्कूलों, मॉल, रेस्टोरेंट, अस्पतालों समेत ऐसे स्थान, जहां 100 से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं, वहां संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होंगे। ऐसे संस्थानों के बाहर कैमरे लगाने का खर्च भी संचालकों को उठाना होगा। इस कानून की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि कई बार पुलिस किसी केस में छानबीन करती है तो पता चलता है वहां कैमरे नहीं लगे थे। लगे भी थे तो रिकॉर्डिंग सुरक्षित नहीं है।
