प्रवेश के लिए बढ़ाई छह माह की आयु सीमा
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भोपाल। सरकारी और निजी स्कूलों में पहली कक्षा में एडमिशन के लिए अधिकतम आयु का नियम बना दिया गया है। इसके तहत अब पहली कक्षा में आठ साल की उम्र तक ही प्रवेश हो सकेगा। यदि कोई छात्र 9 साल का होगा तो वह पहली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पाएगा। वहीं पहली कक्षा के लिए न्यूनतम आयु छह साल और अधिकतम साढ़े सात साल के नियम जारी किए थे। इस नियम का अभिभावकां द्वारा विरोध किया जा रहा था। उनका कहना था कि आरटीई के नियमों के तहत अधिकतम आयु सीमा में छह महीने की छूट दी जाती है।
शासन ने प्री-प्रायमरी कक्षाओं के लिए चार और पहली कक्षा के लिए छह महीने की आयु सीमा बढ़ा दी है। इस संबंध में शासन के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रवेश के लिए उम्र संबंधी नियम में संशोधन के आदेश जारी कर दिए है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए उम्र संबंधी सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत बीते साल प्रवेश के लिए उम्र संबंधी सीमा का पालन कड़ाई से नहीं हो पा रहा था। इसे देखते हुए करीब पांच महीने पहले 28 फरवरी को स्कूल शिक्षा विभाग ने उम्र संबंधी नियम जारी किए थे। अप्रैल 2024 की स्थिति में नर्सरी के लिए न्यूनतम आयु तीन साल और अधिकतम साढ़े चार साल, केजी वन के लिए चार साल और अधिकतम साढ़े साल केजी टू के लिए न्यूनतम आयु पांच साल और अधिकतम साढ़े छह साल तय किया गया था, जिसे बढ़ाने की मांग उठ रही थी। अब विभाग ने आदेश दिया है और उम्र 6 महीने बढ़ा दी।
शासन ने प्री-प्रायमरी कक्षाओं के लिए चार और पहली कक्षा के लिए छह महीने की आयु सीमा बढ़ा दी है। इस संबंध में शासन के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रवेश के लिए उम्र संबंधी नियम में संशोधन के आदेश जारी कर दिए है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए उम्र संबंधी सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत बीते साल प्रवेश के लिए उम्र संबंधी सीमा का पालन कड़ाई से नहीं हो पा रहा था। इसे देखते हुए करीब पांच महीने पहले 28 फरवरी को स्कूल शिक्षा विभाग ने उम्र संबंधी नियम जारी किए थे। अप्रैल 2024 की स्थिति में नर्सरी के लिए न्यूनतम आयु तीन साल और अधिकतम साढ़े चार साल, केजी वन के लिए चार साल और अधिकतम साढ़े साल केजी टू के लिए न्यूनतम आयु पांच साल और अधिकतम साढ़े छह साल तय किया गया था, जिसे बढ़ाने की मांग उठ रही थी। अब विभाग ने आदेश दिया है और उम्र 6 महीने बढ़ा दी।
