पंजाब में ड्रग्स रैकेट पर सियासी घमासान: सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र, NIA-ED जांच की मांग
चंडीगढ़. पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर भाजपा ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है. भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य की जेलों से कथित तौर पर संचालित ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने ड्रग्स से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की अपील की है.
जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पत्र की जानकारी साझा करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे के कारोबार पर लगाम लगाने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि राज्य को नशे के संकट से बाहर निकालने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की जांच जरूरी है.
मानसा की घटना का किया जिक्र
सुनील जाखड़ ने अपने पत्र में मानसा की एक घटना का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर नशे की बिक्री का विरोध करने पर एक युवक को गोली मार दी गई थी. जाखड़ के मुताबिक, इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव से जवाब भी मांगा था.
भाजपा नेता का कहना है कि राज्य में नशे के कारोबार से जुड़े मामलों की गंभीरता को देखते हुए पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए, ताकि इसके पीछे सक्रिय लोगों और संभावित संबंधों का पता लगाया जा सके.
ड्रग इंस्पेक्टर के 24 बैंक खातों में 7.09 करोड़ रुपये मिलने का दावा
जाखड़ ने वर्ष 2024 में पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ड्रग इंस्पेक्टर शीशम कुमार के मामले को भी उठाया. उनके अनुसार, जांच के दौरान आरोपी से जुड़ी संपत्तियों और बैंक खातों में बड़ी रकम का पता चला था.
जाखड़ ने दावा किया कि आरोपी से जुड़े 24 बैंक खातों में 7.09 करोड़ रुपये, दो बैंक लॉकर, 1.49 करोड़ रुपये नकद, 260 ग्राम सोना, विदेशी मुद्रा और करीब 2.40 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का विवरण सामने आया था.
उन्होंने पंजाब के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक के बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर जेल में बंद तस्करों के संपर्क में रहकर नशे की बिक्री से जुड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था.
भगवंत मान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कथित तौर पर अवैध कमाई, संपत्तियों और मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब सरकार ने इस मामले को NIA और ED के पास जांच के लिए क्यों नहीं भेजा.
जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को दोबारा नौकरी पर बहाल कर दिया गया और विभाग के मुख्यालय में महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया. इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
NIA-ED जांच से नेटवर्क का खुलासा करने की मांग
सुनील जाखड़ ने गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि ड्रग इंस्पेक्टर शीशम कुमार से जुड़े मामले की जांच NIA और ED को सौंपी जाए. उन्होंने मांग की कि कथित नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों, जेलों से तस्करी के संचालन और अवैध धन के स्रोतों की पड़ताल की जाए.
जाखड़ के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी को महत्वपूर्ण पद पर बहाल करने के पीछे कोई दबाव या अन्य कारण थे या नहीं. फिलहाल, ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं; मामले में संबंधित एजेंसियों की जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी.
