अस्पताल के 21 कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने का विरोध
एम्बुलेंस चालक ने दी आत्मदाह की चेतावनी
भोपाल। राजधानी के जयप्रकाश (जेपी) अस्पताल में जिला रोगी कल्याण समिति के तहत वर्षों से कार्यरत 21 कर्मचारियों की अचानक सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। शुक्रवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान 58 वर्षीय एम्बुलेंस चालक रमेश शर्मा ने न्याय न मिलने पर अस्पताल के गेट नंबर-21 के सामने आत्मदाह करने की खुली चेतावनी देकर सनसनी फैला दी। उन्होंने कहा, यह सेवा समाप्ति नहीं, मेरा जीवन समाप्त करना है।
कर्मचारियों का आरोप है कि 22 जुलाई को नियमित ड्यूटी के बाद उन्हें अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए सेवा समाप्ति का आदेश थमा दिया गया। हटाए गए कर्मियों में वाहन चालक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और कम्प्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं, जिनमें से कई दो दशकों से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे थे। पीड़ितों ने प्रबंधन पर मनमाने ढंग से वेतन काटने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 14 से 15 हजार रुपये के अल्प वेतन में से बायोमीट्रिक या रात्रि ड्यूटी के अवकाश को भी अनुपस्थिति मानकर हर महीने 8 से 10 दिन का वेतन काट लिया जाता था।
संघ की चेतावनी
कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने अस्पताल के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि पहले से ही स्टाफ की कमी से जूझ रहे संस्थान में अनुभवी कर्मचारियों को हटाना पूरी तरह अनुचित है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो अस्पताल में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
