557 मंडियों में दुकानों और गोदामों की नीलामी अब होगी ऑनलाइन
नवीनीकरण शुल्क भी बढ़ाकर दोगुना किया गया
भोपाल। प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर की 557 कृषि उपज मंडियों और उपमंडियों में पारदर्शित लाने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब मंडियों में स्थित भूखंड, दुकानों और गोदामों का आवंटन केवल ई-नीलामी (ऑनलाइन प्रक्रिया) के जरिए ही किया जाएगा। इसके साथ ही, पुराने आवंटियों के लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी भूमि एवं संरचना का आवंटन नियम में जरूरी संशोधन कर दिया है। भूखंड या संरचनाओं के आवंटन के लिए ई-नीलामी प्रणाली पोर्टल या वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी, जिसकी रूपरेखा मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक द्वारा तय की जाएगी। निगम, मंडल और सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत पंजीकृत संस्थाओं को भूमि या संरचना का आवंटन प्रबंध संचालक के पूर्व अनुमोदन के बाद कलेक्टर द्वारा निर्धारित दरों पर होगा। राज्य सरकार के पास इन्हें रियायती दरों पर आवंटन करने का भी अधिकार होगा। मंडियों में आवंटित पट्टों के लाइसेंस का नवीनीकरण अब भूमि के कुल मूल्य का 2 प्रतिशत शुल्क जमा करने पर होगा। इसके अलावा, मंडी समिति के पास नवीनीकरण के समय अनुबंध में नई शर्तें जोड़ने का भी अधिकार रहेगा। नवीनीकरण आवेदन में देरी होने पर प्रत्येक वर्ष के लिए भूमि के मूल्य का 1 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यह पेनल्टी अधिकतम 12 प्रतिशत तक हो सकती है।
