आलोचनाओं पर तिलक वर्मा का जवाब, बोले टीम के लिए खेलता हूं, स्ट्राइक रेट नहीं मैच की जरूरत सबसे अहम
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपने स्ट्राइक रेट को लेकर हो रही आलोचनाओं पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका बल्लेबाजी का तरीका व्यक्तिगत पसंद से नहीं, बल्कि मैच की परिस्थितियों और टीम की जरूरतों से तय होता है. तिलक का कहना है कि देश के लिए खेलते समय व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा टीम के हित को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यदि टीम को तेज शुरुआत चाहिए तो वह पहली गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन यदि परिस्थितियां संभलकर खेलने की मांग करती हैं तो वह उसी के अनुरूप अपनी भूमिका निभाते हैं.
जिम्बाब्वे दौरे से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक वर्मा ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के दौरान अपनी बल्लेबाजी पर उठे सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि दोनों दौरों में भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गंवाने पड़े थे. ऐसी स्थिति में केवल स्ट्राइक रेट बढ़ाने के लिए जोखिम भरा खेल खेलना टीम के हित में नहीं होता. उनके अनुसार, जब टीम पावरप्ले या शुरुआती 10 ओवरों में चार-पांच विकेट खो चुकी हो, तब किसी बल्लेबाज की प्राथमिकता पारी को संभालना होनी चाहिए.
तिलक वर्मा ने कहा कि क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी भूमिका बदलनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि यदि टीम को शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी की जरूरत होगी तो वह ऐसा करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचाएंगे. वहीं यदि टीम को एक छोर संभालकर अंत तक बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी की जरूरत होगी तो वह उस जिम्मेदारी को भी पूरी ईमानदारी से निभाएंगे. उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन जिस भूमिका के लिए उन पर भरोसा करता है, वह उसी के अनुरूप खेलने की कोशिश करते हैं.
युवा बल्लेबाज ने कहा कि उपकप्तान होने के नाते उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. उनके मुताबिक टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को विशेष भूमिका सोच-समझकर देता है और वह उसी विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि टीम मैच जीते और खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाए.
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के दौरान तिलक वर्मा ने सात टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 178 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए. आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में उन्होंने 55 रन की पारी खेली थी, जबकि इंग्लैंड दौरे पर भी उन्होंने एक अर्धशतक बनाया. हालांकि उनकी बल्लेबाजी की गति को लेकर कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए थे.
भारतीय टीम के लिए हालिया टी-20 दौरे निराशाजनक रहे. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 श्रृंखला में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद इंग्लैंड ने भी भारत को चार मैचों की टी-20 श्रृंखला में 4-0 से शिकस्त दी. अब भारतीय टीम की नजर जिम्बाब्वे के खिलाफ 23 जुलाई से शुरू हो रही तीन मैचों की टी-20 श्रृंखला में वापसी करने पर है. ऐसे में तिलक वर्मा सहित पूरी टीम बेहतर प्रदर्शन कर पिछली हार की निराशा को पीछे छोड़ने की कोशिश करेगी.
