इंदौर में तथ्य छिपाकर हाईकोर्ट से ली राहत, जबलपुर हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, लगाया 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने माना कि वकील ने समान मामले में पहले से पारित आदेश की जानकारी छिपाकर इंदौर बेंच से अंतरिम राहत हासिल की. हाईकोर्ट ने वकील दिनेश सिंह चौहान को निर्देश दिए कि वे जुर्माने की राशि तुरंत हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के सचिव के पास जमा करें.
मामला प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़ी याचिकाओं का है. सुनवाई के दौरान वकील दिनेश सिंह चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए. इसी दौरान संबंधित अन्य याचिकाओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि इसी मुद्दे पर दायर एक याचिका को जबलपुर बेंच ने खारिज कर दिया था. इसके बावजूद वकील चौहान ने उक्त तथ्य छिपाकर इंदौर बेंच में समान मामले में 27 अप्रैल को अंतरिम राहत प्राप्त कर ली.
सुनवाई के दौरान वकील दिनेश चौहान ने दलील दी कि जिन याचिकाओं को खारिज किया गया था, उनमें वे पैरोकार नहीं थे, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने तथ्य छिपाए. हालांकि जस्टिस विशाल धगट की कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. कोर्ट ने कहा कि वकील दिनेश चौहान इसी मुद्दे से जुड़ी कई याचिकाओं में ऑनलाइन पैरवी कर रहे हैं, ऐसे में यह मानना संभव नहीं है कि उन्हें पहले के आदेश की जानकारी नहीं थी. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि संबंधित केस में वे बिना वकालतनामा प्रस्तुत किए भी उपस्थित हुए थे.
