आईपीएस को धमकी मामले में घिरे विधायक प्रीतम लोधी
भाजपा संगठन ने थमाया नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब
भोपाल। शिवपुरी के करैरा में थार हादसे के बाद पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की मुश्किलें अब बढ़ती जा रही हैं। आईपीएस अधिकारी के साथ अभद्रता और धमकी भरे बयानों को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने उनके आचरण को अनुशासनहीनता माना है।
विधायक प्रीतम लोधी के लगातार आ रहे विवादित बयानों से न केवल आईपीएस एसोसिएशन में रोष है, बल्कि दिल्ली हाईकमान ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रदेश संगठन से इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि प्रीतम लोधी की बयानबाजी से सरकार और संगठन दोनों की साख को बट्टा लगा है। इसी के चलते संगठन ने उन्हें सख्त हिदायत दी है कि वे फिलहाल इस मुद्दे पर किसी भी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी न करें। इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि विगत दिनों में आपके द्वारा किया गया आचरण अत्यंत आपत्तिजनक है। आपका व्यवहार पार्टी के अनुशासन के अनुरूप नहीं है। अतः 3 दिन के भीतर इस पर अपना स्पष्टीकरण दें।
यह था पूरा विवाद
विवाद की शुरुआत विधायक के पुत्र दिनेश लोधी की थार कार से हुए एक्सीडेंट के बाद हुई थी। बेटे के बचाव में उतरे पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी को सीधे तौर पर धमकी दी थी। उन्होंने तीखे लहजे में कहा था कि करैरा उनके डैडी की नहीं है। मामला यहीं शांत नहीं हुआ, लोधी ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई, तो वे एसडीओपी के बंगले को गोबर से भर देंगे। इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक हलकों में भारी असंतोष देखा जा रहा है, जिसका नतीजा अब पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
