वंदे मातरम विवाद में घिरी इंदौर की महिला पार्षद पर फैसला जल्द
पटवारी बोले राष्ट्रगीत के सम्मान पर किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
भोपाल। इंदौर नगर निगम में महिला पार्षदों द्वारा वंदे मातरम गाने से इंकार करने के बाद उपजा विवाद अब सियासी तूल पकड़ चुका है। इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी को राष्ट्रभक्ति या राष्ट्रगीत के सम्मान के विषय में किसी से भी प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इंदौर की घटना और विवाद में घिरी महिला पार्षदों के मामले को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर संगठन के स्तर पर विचार किया जा रहा है और उचित समय आने पर इस पर निर्णय लिया जाएगा। जो भी फैसला होगा, उसे सार्वजनिक किया जाएगा। पटवारी ने राष्ट्रगीत के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि देश की आजादी की पूरी यात्रा में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सर्वोच्च स्थान रहा है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के हर अधिवेशन की शुरुआत और समापन राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के सम्मानपूर्वक गायन के साथ होता है। इसे लेकर किसी को कुछ भी बताने या स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है।
अल्पसंख्यक नेताओं का दिया उदाहरण
विवाद को अनावश्यक बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने तर्क दिया कि देश में अल्पसंख्यक समुदायों से कई महान विभूतियां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री जैसे उच्च संवैधानिक पदों पर रही हैं। जब ये सभी गणमान्य लोग सरकारी कार्यक्रमों, संविधान दिवस या स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का पूर्ण सम्मान करते हैं, तो इस विषय पर किसी भी प्रकार का नया विवाद खड़ा करना बेमानी है।
