सरकारी कॉलेजों में एआई की पढ़ाई, आईआईटी दिल्ली के सहयोग से शुरू होंगे कोर्स
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग अब छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों के लिए भी तैयार करेगा। विभाग ने प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फिनटेक जैसे आधुनिक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है।
यह पहल शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगी। इन कोर्सेस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी। योजना के अंतर्गत 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, 13 स्वायत्त महाविद्यालयों का चयन किया गया है। विभाग ने इस वर्ष अपने लक्ष्य में बड़ा विस्तार किया है। पहले चरण में केवल 1000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने की योजना थी, जिसे अब बढ़ाकर 2000 कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि एआई और फिनटेक विथ एआई जैसे ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद पारंपरिक विषयों के छात्र भी कॉर्पोरेट जगत की जरूरतों के अनुरूप सक्षम बन सकेंगे। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने बताया कि महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। प्रथम चरण की सफलता को देखते हुए हमने छात्र संख्या को दोगुना किया है, ताकि अधिक से अधिक युवा रोजगार से जुड़ सकें।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
उच्च शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के कौशल में वृद्धि करना है ताकि उन्हें पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद बाजार की मांग के अनुसार आसानी से रोजगार प्राप्त हो सके। एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
