गेहूं खरीदी में देरी पर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव कर सौंपा ज्ञापन
भोपाल। प्रदेश में गेहूं खरीदी की सुस्त रफ्तार और किसानों की उपेक्षा के विरोध में आज राजधानी की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और प्रशासन को अपनी मांगों का एक मांग पत्र सौंपा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कई दिग्गज नेता, किसान सेवा दल के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण अन्नदाता आज सड़कों पर आने को मजबूर है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस वर्ष गेहूं खरीदी एक महीने की देरी से शुरू हुई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में है। खरीदी की प्रक्रिया अब भी अधूरी है और पिछले वर्ष की तुलना में लक्ष्य कम रखा गया है। खरीदी केंद्रों पर कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी परेशानी हो रही है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के समक्ष ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से प्रभावित फसल को बिना कड़े मापदंडों के खरीदा जाए, धर्म कांटा से अनिवार्य तुलाई हो और 7 दिनों के भीतर भुगतान किसानों के खातों में पहुंचे, खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छांव की तत्काल व्यवस्था की जाए।केसीसी और सहकारी ऋण वसूली की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए, खाद की किल्लत दूर हो और मनमाने बिजली बिलों पर रोक लगे, पराली जलाने या आगजनी की घटनाओं में किसानों पर दर्ज किए गए ’झूठे’ मुकदमे वापस लिए जाने आदि मांगें की है।
