कोर्ट की सुनवाई टली, भाजपा खेमे में बढ़ी रणनीतिक हलचल
नरोत्तम के निवास पर पहुंचे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल
भोपाल। प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट को लेकर प्रदेश का सियासी पारा आज मंगलवार को फिर अचानक चढ़ गया है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद अब सबकी नजरें दिल्ली हाईकोर्ट और राजनीतिक गलियारों में होने वाली मुलाकातों पर टिकी रही। मंगलवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद मिली नई तारीख ने जहां कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है, वहीं भोपाल में हुई एक अहम बैठक ने उपचुनाव की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है।
बैंक फ्रॉड मामले में दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा 2 अप्रैल को सुनाई गई तीन साल की सजा के खिलाफ राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की है। भारती के लिए यह सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी राजनीतिक भविष्य की दिशा यहीं से तय होगी। कानूनी लड़ाई के बीच भोपाल में राजनीतिक हलचल भी तेज रही। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मंगलवार को अचानक पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पर पहुंचे। बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक गहन चर्चा हुई। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी ने दतिया उपचुनाव के लिए अभी से बिसात बिछाना शुरू कर दी है। फिलहाल, सारा दारोमदार 15 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर है। यदि राजेंद्र भारती को ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिलती है, तो दतिया की जंग एक बार फिर प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी लड़ाई बन सकती है।
विधानसभा ने रिक्त घोषित की दतिया सीट
राजेंद्र भारती को सजा सुनाए जाने के तत्काल बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने नियमों के तहत उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है। इसके साथ ही दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। सीट खाली होते ही चुनाव आयोग द्वारा यहां उपचुनाव कराए जाने की संभावना प्रबल हो गई है, जिसने प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
नरोत्तम के मैदान में उतरने की संभावना
दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट खाली होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है। अगर ऐसा हुआ तो पार्टी नरोत्तम मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।
