पारदर्शी हो गेहूं उपार्जन, सीधे खातों में आएगा पैसा
मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में 10 अप्रैल से प्रारंभ हो रहे गेहूं उपार्जन कार्य को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुचारु और पारदर्शी रखने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। तौल, भुगतान और परिवहन की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और व्यवस्थित रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदी की प्रक्रिया सरल और सुगम बनाई जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। डॉ. यादव ने विशेष रूप से भुगतान व्यवस्था पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसानों को उनके उपार्जित गेहूं का भुगतान निर्धारित समयसीमा में सीधे खातों में किया जाए। साथ ही उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि एमपी में गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल और 15 अप्रैल से शुरू हो रही है। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से गेंहू उपार्जन और बाकी बचे हुए जिलों में 15 अप्रैल से गेहूं खरीदी होगी। गेहूं उपार्जन की तारीख दो बार बढ़ चुकी है। बैठक में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और भंडारण को लेकर चर्चा हुई है।
78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य
खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त इंतजाम रखने भी निर्देश दिए। इस बार 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य है। सरकार ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया। किसानों को ना हो परेशानी इस बात का भी अधिकारी ध्यान रखें। खरीदी व्यवस्था, भंडारण और वितरण पर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में की समीक्षा बैठक।
बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का त्वरित कराएं आकलन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के संबंध में कहा है कि किसान भाई चिंता न करें, संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स को मौसम के असमय बदलाव से हुए नुकसान का त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में हुई हानि के लिए तत्काल सहायता और राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि गत दिवस ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न जिलों तथा राजगढ़, रायसेन, बैतूल आदि जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
