पांच पुराने कानून खत्म कर बनेगी नई श्रम संहिता
30 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट
भोपाल। सरकार राज्य में दशकों पुराने श्रम कानूनों को बदलने की तैयारी में है। श्रम विभाग अब पांच अलग-अलग अधिनियमों को समाप्त कर उनके स्थान पर एक समेकित श्रम संहिता का निर्माण करेगा। इसके लिए अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो अगले 30 दिनों के भीतर एमपी कोड इन एम्पॉवरिंग वर्कस्पेस 2026 का ड्राफ्ट पेश करेगी।
नई संहिता में मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958, मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960, मध्यप्रदेश औद्योगिक नियोजन (स्थाई आज्ञाएं) अधिनियम 1961, मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 और मध्यप्रदेश असंगठित कर्मकार कल्याण अधिनियम 2003 इन पांच पुराने कानूनों को समाहित किया जाएगा। वरिष्ठ सचिव समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान में लागू राज्य स्तरीय कानून काफी पुराने हो चुके हैं। भारत सरकार की नई चार श्रम संहिताओं के साथ तालमेल बिठाने और बदलती अर्थव्यवस्था व तकनीकी विकास की चुनौतियों को देखते हुए नए प्रावधानों की आवश्यकता है। यह नई संहिता न केवल नियमों को सरल बनाएगी, बल्कि कार्यस्थलों को और अधिक सशक्त करेगी।
अधिकारी तैयार करेंगे मसौदा
राज्य शासन द्वारा गठित इस समिति में विधि, श्रम और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति मौजूदा विधियों का सूक्ष्म अध्ययन करेगी और हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए समेकित मसौदा तैयार करेगी।
