काली कमाई को सफेद करने वाले पूर्व उप निदेशक पर कसा शिकंजा
ईडी ने न्यायालय में दाखिल की चार्जशीट
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व उप निदेशक जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ अदालती कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी ने 18 मार्च को जबलपुर स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में सरवटे के विरुद्ध अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की है।
इस मामले की जड़ें आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू), जबलपुर द्वारा दर्ज उस एफआईआर (नंबर 111/2025) में हैं, जिसमें सरवटे पर एक लोक सेवक के रूप में अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि 1 जनवरी 2015 से 20 जून 2025 के बीच सरवटे ने करोड़ों की अवैध संपत्ति जमा की। आरोपी ने भ्रष्टाचार से कमाए गए धन को बैंकिंग सिस्टम में डाला और मध्य प्रदेश के चार जिलोंकृ ’’भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी’’ में कीमती अचल संपत्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में निवेश किया।
11.81 करोड़ की संपत्ति हुई थी कुर्क
ईडी की जांच में कुल 11.81 करोड़ रुपये की अपराध की कमाई की पहचान की गई थी। इसी के आधार पर फरवरी 2026 में एजेंसी ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। ईडी ने अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए हैं कि सरवटे ने जानबूझकर अवैध धन को बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित किया, जो मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत गंभीर अपराध है। विशेष न्यायालय द्वारा बुलाए जाने पर जगदीश प्रसाद सरवटे अदालत में उपस्थित हुए। वहां उन्हें ईडी द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट और उससे संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां सौंपी गईं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के इस बड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए आगे की जांच अभी भी जारी है।
