बंगाल चुनाव 2026 ममता बनर्जी ने जारी किया TMC घोषणापत्र, महिलाओं और युवाओं को बड़ी आर्थिक मदद का ऐलान
देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. इसी क्रम में Mamata Banerjee ने 20 मार्च को पश्चिम बंगाल में All India Trinamool Congress (TMC) का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में “अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन” जैसी स्थिति पैदा की जा रही है. उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है.
घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीब वर्ग को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे किए गए हैं. सबसे प्रमुख योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ को लेकर है, जिसके तहत महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को जारी रखने और उसमें बढ़ोतरी का वादा किया गया है. पार्टी ने घोषणा की है कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं को 1,700 रुपये मासिक सहायता दी जाएगी. यह राशि सालाना क्रमशः 18,000 और 20,400 रुपये तक पहुंचती है.
इसके अलावा बेरोजगार युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा-साथी’ योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा किया गया है. TMC का कहना है कि यह योजना युवाओं को आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी. घोषणापत्र में राज्य में सभी के लिए पक्का घर उपलब्ध कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली में सुधार और सात नए जिलों के गठन जैसे बड़े वादे भी शामिल हैं.
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी पार्टी ने ‘दुआरे चिकित्सा’ नामक नई योजना की घोषणा की है. इसके तहत राज्य सरकार हर ब्लॉक और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाएगी, जिससे लोगों को घर के पास ही इलाज की सुविधा मिल सकेगी. ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को “हर घर के आंगन तक” पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
कृषि क्षेत्र को लेकर भी घोषणापत्र में बड़ा वादा किया गया है. TMC ने 30,000 करोड़ रुपये के कृषि बजट का ऐलान करते हुए किसानों और भूमिहीन परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात कही है. पार्टी का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
इस दौरान ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और लोगों से एकजुट होकर “बंगाल को बचाने” की अपील की. उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या लालच में न आएं.
इधर चुनावी प्रक्रिया को लेकर Election Commission of India भी सक्रिय हो गया है. आचार संहिता लागू होने के बाद विभिन्न राज्यों में निगरानी टीमों ने कार्रवाई तेज कर दी है. 18 मार्च तक चुनाव आयोग ने 42.65 करोड़ रुपये नकद और अन्य सामान जब्त किए हैं, जो चुनाव खर्च पर निगरानी के तहत बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
दूसरी ओर असम में भी चुनावी हलचल तेज है. वहां के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने जलुकबाड़ी सीट से नामांकन दाखिल किया है और राज्य के विकास व अस्मिता को अपनी प्राथमिकता बताया है. उन्होंने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपनी चुनावी रणनीति का संकेत दिया.
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग कराई जाएगी. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा. सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे.
इस बीच विभिन्न राज्यों में राजनीतिक दल लगातार उम्मीदवारों की सूची जारी कर रहे हैं और जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में TMC के इस घोषणापत्र को चुनावी मुकाबले में एक अहम दस्तावेज माना जा रहा है, जो आने वाले दिनों में सियासी बहस का केंद्र बनेगा.
विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं और युवाओं को सीधे आर्थिक लाभ देने की रणनीति TMC के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन विपक्ष इसे “लोकलुभावन वादे” बताकर घेरने की तैयारी में है. ऐसे में आगामी चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इन वादों को कितना स्वीकार करते हैं और सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है.
