लंबित बिजली-पानी के बिलों का तत्काल भुगतान करें
उच्च शिक्षा विभाग ने कहा लापरवाही पर प्राचार्य होंगे जिम्मेदार
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने कहा है कि इस साल कॉलेजों को आवंटित ग्लोबल बजट की राशि से लंबित बिजली और पानी के बिलों का भुगतान तत्काल किया जाए। यह निर्देश वित्तीय वर्ष के अंत में लिया गया है क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग के पास बजट काफी मात्रा में बचा हुआ है।
विभाग के संयुक्त संचालक (वित्त) ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को स्पष्ट रूप से कहा है कि मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभाग के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों के लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए मांग की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि सभी कॉलेजों में बिजली एवं जल प्रभार मद में ग्लोबल बजट उपलब्ध है। चूंकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति करीब है, इसलिए सभी कॉलेज अपने लंबित विद्युत और जल देयकों का तत्काल नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करें। इसके अलावा, विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि बजट की उपलब्धता के बावजूद भी किसी महाविद्यालय के विद्युत या जल बिल लंबित रहते हैं, तो संबंधित प्राचार्य को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, बजट से बिजली और पानी के बकाया बिलों की पूरी राशि के भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
