डोडियार का दांव, ’बाप’ पार्टी उतारेगी राज्यसभा में उम्मीदवार
संख्या भले कम, पर छेड़ी प्रतिनिधित्व की नई बहस, मोदी, राहुल को लिखा पत्र
भोपाल। प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाली चुनावी जंग अब एक नए मोड़ पर आ गई है। प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना रही भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। रतलाम की सैलाना सीट से विधायक डोडियार का यह कदम केवल चुनावी भागीदारी नहीं, बल्कि आदिवासी प्रतिनिधित्व को लेकर बड़े दलों पर एक बड़ा नैतिक दबाव माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव की राह संख्या बल के बिना आसान नहीं है। किसी भी प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतरने के लिए विधानसभा के कम से कम 10 विधायकों के समर्थन (प्रस्तावक) की आवश्यकता होती है। वर्तमान में ’बाप’ के पास विधानसभा में केवल एक विधायक है। ऐसे में डोडियार को अपने प्रत्याशी के लिए या तो भाजपा या फिर कांग्रेस के खेमे में सेंध लगानी होगी या उनके समर्थन की उम्मीद करनी होगी, जो फिलहाल नामुमकिन सा नजर आता है। इसे देखते हुए डोडियार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष नितीन नवीन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अलावा मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी को पत्र लिखकर उन्हें समर्थन देने की बात कही है।
वोट बैंक नहीं, अब चाहिए प्रतिनिधित्व
विधायक कमलेश्वर डोडियार का तर्क सीधा और तीखा है। उनका कहना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल आदिवासी क्षेत्रों में जाकर वोट तो मांगते हैं, लेकिन जब राज्यसभा जैसे उच्च सदन में भेजने की बात आती है, तो आदिवासी चेहरों को नजरअंदाज किया जाता है। डोडियार की मांग है कि खाली हो रही तीन सीटों में से एक सीट पर आदिवासी उम्मीदवार के रूप में बाप प्रत्याशी को सर्वसम्मति से समर्थन मिलना चाहिए। यह मांग अब प्रदेश की राजनीति में प्रतिनिधित्व बनाम वोट बैंक की एक नई बहस को जन्म दे चुकी है।
कांग्रेस की बढ़ी टेंशन, क्रॉस वोटिंग का साया
प्रदेश में 19 जून को तीन दिग्गज नेताओं भाजपा के केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस को अपनी एक सीट बचाने के लिए 58 विधायकों की जरूरत है। हालांकि कांग्रेस के पास अभी 63 विधायक हैं, लेकिन बीना विधायक के पाला बदलने और विजयपुर विधायक के मतदान अधिकार पर रोक से समीकरण थोड़े बदले हैं। वहीं हरियाणा, हिमाचल और बिहार में हालिया क्रॉस वोटिंग की घटनाओं ने मध्यप्रदेश कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में डोडियार का आदिवासी कार्ड कांग्रेस के भीतर मौजूद आदिवासी विधायकों के मन में हलचल पैदा कर सकता है।
पटवारी बोले मैं नहीं जाऊंगा राज्यसभा
राज्यसभा चुनाव के लिए दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश से कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। यह संभावना कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जताई है। उन्होंने कहा कि मुझे छोड़कर कोई भी राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार हो सकता है, मैं खुद राज्यसभा नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह उम्मीदवार हो सकते है, यह निर्णय पार्टी हाईकमान को लेना है।
