भाजपा में नियुक्तियों की शुरूआत, पवैया बने राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष
पुनर्वास की आस लगाए दिग्गज भाजपा नेताओं को मिल सकती है राहत
भोपाल। प्रदेश सरकार में निगम, मंडलों और आयोगों में नियुक्तियों का लंबे समय से इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं के लिए अच्छी खबर आई है। सरकार ने नियुक्तियों का सिलसिला शुरू करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को छठवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के कार्यकाल में यह पहली बड़ी राजनीतिक नियुक्ति मानी जा रही है, जिससे सत्ता और संगठन में पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे अन्य दिग्गजों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
राज्य वित्त आयोग को प्रभावी बनाने के लिए पवैया के साथ अनुभवी चेहरों को जगह दी गई है। के.के. सिंह (पूर्व आईएएस) आयोग के सदस्य नियुक्त किए गए हैं। विधानसभा के पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी और वित्त सेवा के अनुभवी अधिकारी को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वीरेंद्र कुमार वर्तमान में वित्त विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं।
क्या होगा आयोग का मुख्य कार्य
वित्त विभाग द्वारा अधिसूचित जानकारी के अनुसार, यह आयोग पंचायतों और नगरीय निकायों की वित्तीय सेहत सुधारने की दिशा में काम करेगा। राज्य द्वारा संग्रहित करों और शुल्कों का पंचायतों व निकायों के बीच न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना, निकायों को मिलने वाली ग्रांट-इन-एड (सहायता अनुदान) की राशि का निर्धारण आयोग की अनुशंसा देना आयोग के मुख्य कार्य होंगें। आयोग 1 अप्रैल से शुरू होने वाली 5 वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें 31 अक्टूबर तक राज्यपाल को सौंपेगा।
दावेदारों में के चेहरे भी खिले
पवैया की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक पद नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है। जानकारों का मानना है कि इस पहली नियुक्ति के साथ ही अब आने वाले दिनों में अन्य खाली पड़े निगम और मंडलों में भी जल्द ही नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं। पंचायत और नगरीय निकायों को आवंटित की जाने वाली राशि की अनुशंसा करने वाले इस महत्वपूर्ण आयोग की कमान एक कद्दावर नेता को देकर सरकार ने स्थानीय निकायों को मजबूत करने का संकेत दिया है।
