तमिलनाडु चुनाव : एनडीए में शामिल नहीं होगी एक्टर विजय की पार्टी, ये बड़ा कारण आया सामने
चेन्नई. तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर एक चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. 4 मई को वोटों की गिनती होगी. इससे पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी बीच नेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कडग़म (टीवीके) और बीजेपी-नीत एनडीए के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं लगभग खत्म हो गई हैं. अब इसकी बड़ी वजह भी सामने आ गई है.
रजीनकांत पर टिप्पणी बनी वजह
टीवीके के एक नेता ने रजनीकांत पर टिप्पणी की थी. इसके बाद प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है. एआईएडीएमके और भाजपा के नेता अब टीवीके पदाधिकारियों की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं. हालांकि अब तक इस पर न तो सत्ताधारी डीएमके और न ही रजनीकांत ने कोई प्रतिक्रिया दी है.
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ हफ्तों से खबरें आ रही थीं कि बीजेपी और टीवीके के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है. बीजेपी के कुछ नेताओं का दावा था कि टीवीके को करीब 80 सीटें और डिप्टी सीएम पद का ऑफर दिया गया था. वहीं, यह भी कहा गया कि विजय ने संभावित गठबंधन के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग रखी थी. हालांकि, टीवीके ने लगातार इन दावों से इनकार किया. इसी बीच विजय का सीबीआई के सामने पेश होने के लिए दिल्ली जाना भी इन अटकलों को और हवा दे गया. वहीं मामला तब बिगड़ा जब टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन ने दावा किया कि रजनीकांत ने डीएमके के मुखिया की धमकियों के कारण राजनीति छोड़ दी.
नेताओं ने की बयान की आलोचना
एआईएडीएमके प्रमुख पलानीस्वामी ने टीवीके नेता के बयान को राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ बताया और रजनीकांत का बचाव किया. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को राजनीति में आने या न आने का अधिकार है और उसके फैसले का सम्मान होना चाहिए. वहीं, बीजेपी नेता अन्नामलाई ने भी इस बयान को भ्रम करार दिया और रजनीकांत के 50 साल लंबे करियर और उनकी मजबूत छवि का हवाला दिया.
विधानसभा चुनाव में दिखेगा कड़ा मुकाबला
प्रदेश में इस बार विधानसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. विजय की पार्टी के आने से प्रदेश में सियासी समीकरण भी पूरी तरह से बदल गए हैं. वहीं सत्तारूढ़ डीएमके लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है. इसके अलावा एआईएडीएमके और बीजेपी गठबंधन वापसी की उम्मीद कर रहे हैं. विजय की टीवीके पहली बार चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. सीमान की पार्टी एनटीके भी अकेले चुनाव लड़ रही है.
