जनसेवा ही सर्वोपरि, अब ग्राम सभाएं खुद तय करेंगी अपनी प्राथमिकताएं
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा विकास कार्य में देरी नहीं होगी बर्दाश्त
भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा संसदीय क्षेत्र के खातेगांव में दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल कागजों पर योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना है। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में देरी और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण स्वावलंबन पर जोर देते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब विकास की रूपरेखा एयर-कंडीशन्ड कमरों में नहीं, बल्कि सीधे गाँवों में तय होगी। ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्वयं तय करेंगी कि उनके क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण कार्य क्या हैं। सामाजिक आयोजनों के लिए भव्य सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा। पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार और नए तालाबों के निर्माण को वार्षिक कार्ययोजना का हिस्सा बनाया जाएगा। स्व-सहायता समूहों के लिए शेड निर्माण और आजीविका गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
केन्द्रीय मंत्री ने विभिन्न विभागों के कामकाज को लेकर अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि योजनाओं का लाभ क्षेत्र के आखिरी किसान तक पहुँचना चाहिए। खाद और सिंचाई के लिए अग्रिम रणनीति तैयार रखने को कहा गया। गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं अभी से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी शिकायतों का मौके पर जाकर समाधान करने और वन भूमि से जुड़ी तकनीकी अड़चनों को विकास के आड़े न आने देने की हिदायत दी।
बेहतर काम पर शाबाशी, लापरवाही पर कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से अपनी कार्यशैली को साझा करते हुए कहा कि मेरे मन में किसी के प्रति न राग है, न द्वेष। मेरा एकमात्र भाव जनता की सेवा है। जो अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, लेकिन जहां जानबूझकर गड़बड़ी पाई गई, वहां कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
