जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
भोपाल। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले जूनियर डॉक्टरों (जूडो) का स्टायपेंड सरकार ने बढ़ा दिया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी मानी जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं को जनोन्मुख बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा जूनियर डॉक्टर हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे न केवल प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, बल्कि अस्पतालों में मरीजों की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। मुझे विश्वास है कि इस वृद्धि के बाद वे और अधिक समर्पण के साथ प्रदेश की सेवा करेंगे।
किसे कितना मिलेगा लाभ
विभाग द्वारा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर स्टाइपेंड में संशोधन किया गया है। जारी आदेश के अनुसार प्रथम वर्ष का 75,444 बढ़ाकर 77,662 किया है। वहीं द्वितीय वर्ष का 77,764 से 80,050 रूपए, तृतीय वर्ष का 80,086 का 82,441, इंटर्न का 13,928 का 14,337, सीनियर रेजिडेंट का 88,210 से 90,803 और जूनियर रेजिडेंट का स्टापेंड 63,324 किया गया है। इसके साथ ही सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के सभी वर्षों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये कर दिया गया है।
